फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Most Black fungus patients found in Maharashtra, Gujarat, Madhya Pradesh

ब्लैक फंगस मचा रहा तबाही : इन राज्यों में मिले सबसे ज्यादा मरीज, डॉक्टरों को दवा के संकट का डर

Sat, 22 May 2021 06:47 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 22 May 2021 06:47 AM IST
सार

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस के सबसे अधिक मरीज मिले हैं। यहां दो हजार मरीजों में ब्लैक फंगस मिला है, जबकि 90 मरीजों की मौत हो चुकी है। 

विज्ञापन
Most Black fungus patients found in Maharashtra, Gujarat, Madhya Pradesh
Black fungus - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में ब्लैक फंगस (म्यूकॉरमायकोसिस) तबाही मचा रहा है। खासतौर पर महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश में ब्लैक फंगस तेजी से पैर पसार रहा है। इसी तरह गुजरात में 1163 मामले सामने आए हैं और 61 मरीजों की मौत हो चुकी है। तमिलनाडु, ओडिशा , गुजरात, चंडीगढ़  राजस्थान और तेलंगाना ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया है।

विज्ञापन


इन राज्यों में सबसे कम केस राज्यों के आंकड़ों के अनुसार बिहार में ब्लैक फंगस के 103 केस मिले हैं और दो मौत हुई है। छत्तीसगढ़ में 101 मरीजों में म्यूकॉरमायकोसिस की पुष्टि हुई है और एक मरीज की जान गई है। तेलंगाना में 90 मरीज मिले हैं , दस की मौत हुई है। कर्नाटक में भी ब्लैक फंगस के 97 मरीज हैं , यहां कोई मौत नहीं हुई है।
विज्ञापन


यूपी-हरियाणा में अब तक 8-8 की मौत मध्य प्रदेश में ब्लैक फंगस के कुल 575 केस आए हैं और सरकारी आंकड़ों के अनुसार 31 मरीजों ने दम तोड़ दिया है। उत्तर प्रदेश में 169 लोगों में ब्लैक फंगस मिला है और आठ मौतों की पुष्टि हुई है। दिल्ली में 203 मरीज मिले हैं और एक की मौत हुई है। हरियाणा में 268 मरीज मिले हैं आठ मरीजों ने दम तोड़ दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


महाराष्ट्र में इंजेक्शन की किल्लत
महाराष्ट्र के स्वास्थ्यमंत्री राजेश टोपे ने बताया है कि महाराष्ट्र में 1500 से अधिक मरीज मिले हैं जिसमें अभी 850 मरीजों का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि एक मरीज को औसतन 60 से 100 इंजेक्शन लग सकते हैं। ऐसे में औसतन डेढ़ लाख इंजेक्शन की जरूरत पड़ सकती है। समय रहते गंभीर मरीजों को इंजेक्शन नहीं मिलने से बीमारी और गंभीर होती है जिससे जान पर खतरा बन सकता है। 

दवा के संकट को लेकर डॉक्टर भयभीत 
दिल्ली के निजी अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि वो कोरोना मरीजों का इलाज तो कर रहे हैं लेकिन पर दवा के लिए सरकार से आवेदन करना पड़ रहा है । ऐसे में दवा मिलने में समय लग रहा है जिससे मरीजों की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। 


डॉक्टरों को डर है कि ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की तरह ब्लैक फंगस की दवा का संकट हो सकता है। तब मरीजों की जान बचाना मुश्किल होगा। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. डीएस राणा का कहना है कि सरकारी अनुमति से दवा की आपूर्ति बेहतर है, पर मरीजों की संख्या बढ़ने से व्यवस्था डगमगा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed