फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   MoS MEA Kirti Vardhan Singh in rajya sabha pahalgam attack Pakistan exposed safety minorities Bangladesh

Rajya Sabha: सरकार बोली- दुनिया में बेनकाब हुआ पाकिस्तान; बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर कही यह बात

Thu, 24 Jul 2025 06:15 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 24 Jul 2025 06:15 PM IST
सार

Rajya Sabha: विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से हो रहे सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार आवाज उठाई है और वैश्विक समर्थन हासिल किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' को आतंकी संगठन घोषित किया है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। साथ ही भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा हर स्तर पर उठाया है और वहां की अंतरिम सरकार से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

विज्ञापन
MoS MEA Kirti Vardhan Singh in rajya sabha pahalgam attack Pakistan exposed safety minorities Bangladesh
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह - फोटो : एएनआई/संसद टीवी (फाइल)

विस्तार

विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में कहा कि भारत ने पाकिस्तान से फैल रहे सीमा पार आतंकवाद के खतरे को लेकर सभी संबंधित पक्षों को लगातार सतर्क किया है। लगातार कोशिशों के कारण अब दुनिया भारत की चिंताओं को बेहतर तरीके से समझ रही है। भारत के प्रयासों से कई पाकिस्तान-आधारित आतंकवादियों और आतंकी संगठनों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1267 प्रतिबंध समिति के तहत सूचीबद्ध किया गया है। साथ ही, पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में भी डाला गया।
विज्ञापन


'अमेरिका ने टीआरएफ को घोषित की आतंकवादी संगठन'
उन्होंने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद यूएनएससी के प्रेस बयान में इस हमले की कड़ी निंदा की गई और यह माना गया कि हमले के दोषियों, योजनाकारों, समर्थकों और फंड देने वालों को सजा मिलनी चाहिए। कई वैश्विक नेताओं ने पहलगाम हमले के बाद भारत के आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। हाल ही में अमेरिका ने 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) को विदेशी आतंकी संगठन (एफटीओ) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी (एसडीजीटी) घोषित किया है। यह पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है।    
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: कैसे एक शख्स 8 साल चलाता रहा फर्जी दूतावास, क्या होते हैं स्वयंभू राष्ट्र, जिनका राजदूत बताकर करता था ठगी?
विज्ञापन
विज्ञापन


'हर जरूरी मंच पर उठाया बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा'
मंत्री ने आगे कहा, भारत सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की लगातार निगरानी करती है और उनका रिकॉर्ड रखती है। इसमें लोगों, उनके घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों पर हुए हमले शामिल हैं। भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और उनकी सुरक्षा की चिंता को हर जरूरी मंच पर उठाया है।

'अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार'
उन्होंने कहा, भारत सरकार को उम्मीद है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इन घटनाओं की गहन जांच करेगी और हत्या, आगजनी और हिंसा में शामिल सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाएगी। बांग्लादेश के सभी नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी बांग्लादेश सरकार की ही है, जिनमें अल्पसंख्यक भी शामिल हैं।  

पाकिस्तान को अमेरिकी हथियारों से भारत को खतरा
 पाकिस्तान को अमेरिकी मदद भारत के लिए खतरा है। यही कारण है कि भारत इस मुद्दे को औपचारिक रूप से अमेरिका के समक्ष उठाता रहा है। विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में  अमेरिका को आगाह किया गया है कि उसकी इस सैन्य सहायता और आपूर्ति का भारत के खिलाफ दुरुपयोग हो सकता है।संजय राउत के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।

राउत ने पूछा था कि क्या अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को जारी सैन्य सहायता और हथियारों की आपूर्ति को लेकर भारत ने औपचारिक रूप से चिंता व्यक्त की है। विदेश राज्य मंत्री ने कहा, सरकार अपने पड़ोस में सभी सैन्य व सुरक्षा-संबंधी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखती है। हमारे साझेदारों के साथ उचित स्तर पर अपनी चिंताओं को नियमित रूप से उठाती है। भारत ने अमेरिका के सामने भी इस संबंध में अपनी चिंताओं को स्पष्ट रूप से रखा है। सरकार पूरी तरह सुनिश्चित करती है कि इन गतिविधियों से भारत की सुरक्षा या क्षेत्रीय स्थिरता से समझौता न हो। राउत ने पूछा था कि क्या अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को जारी सैन्य सहायता और हथियारों की आपूर्ति को लेकर भारत ने औपचारिक रूप से चिंता व्यक्त की है। राउत ने चीन-पाकिस्तान सैन्य सहयोग को रोकने के लिए अमेरिका के साथ रणनीतिक संबंधों का लाभ उठाने के संबंध में सवाल किया था।  

राष्ट्रीय हित, संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के मुद्दों पर सरकार की बारीक नजर
सिंह ने दोहराया कि सरकार उन सभी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखती है जिनका भारत के राष्ट्रीय हित पर असर पड़ता है। सरकार अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए समय पर और आवश्यक कदम उठाती है। उन्होंने कहा, भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आतंकवाद विरोधी सहयोग है। भारत और अमेरिका एक मजबूत संस्थागत ढांचा बनाए रखते हैं, जिसमें एक समर्पित आतंकवाद विरोधी संवाद तंत्र शामिल है। इस तंत्र की नियमित बैठकें होती हैं और दोनों पक्ष घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ बारीकी से सहयोग करते हैं।

पीएम के दौरे पर हुआ राणा के प्रत्यर्पण का एलान
विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि 13 फरवरी, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के षड्यंत्रकारियों में से एक तहव्वुर राणा के भारत को प्रत्यर्पण की घोषणा की थी। राणा को 10 अप्रैल, 2025 को सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित किया गया था। यही नहीं 13 फरवरी को जारी भारत-अमेरिका की ओर से जारी साझा बयान में दोनों पक्षों ने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल सीमापार आतंकवादी हमलों को शुरू करने के लिए नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed