राहत: अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर लौटे 520 प्रवासी, सीएए समेत इन मुद्दों पर भी राज्यसभा में बोले नित्यानंद राय
संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थिति, संशोधित नागरिकता कानून, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर घुसपैठ रोकने के लिए केंद्र के प्रयासों समेत कई अन्य मुद्दों पर बात रखी और सवालों के जवाब दिए।
विस्तार
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश से अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिए जाने के बाद से प्रधानमंत्री के साल 2015 के विकास पैकेज के तहत नौकरियां पाने के लिए 520 प्रवासी कश्मीर लौटे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लोकसभा की अधीनस्थ विधान संबंधी समिति ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए) के तहत नियम बनाने के लिए समय अवधि को नौ अक्तूबर तक बढ़ा दिया है।
As per the information provided by the Govt. of Jammu & Kashmir, after the abrogation of Article 370, a total of 520 migrants have returned to Kashmir for taking up the jobs under the Prime Minister's Development Package-2015: MoS Home Nityanand Rai to Rajya Sabha
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(file photo) pic.twitter.com/SenSPgWqJh — ANI (@ANI) August 11, 2021
प्रदर्शनकारी किसानों की मौत का कोई आंकड़ा नहीं
इस सवाल पर कि क्या केंद्रीय गृह मंत्रालय प्रदर्शन कर रहे किसानों की ठंड के मौसम या आत्महत्या आदि विभिन्न वजहों से होने वाली मौतों का डाटा एकत्र किया है, नित्यानंद राय ने कहा कि केंद्रीय स्तर पर ऐसी कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। दिल्ली पुलिस ने एक किसान की मौत (आत्महत्या) का मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के पास ऐसे मामलों में मृतक के परिवार के लिए मुआवजे और नौकरियों की कोई योजना नहीं है। ऐसे मामलों में मुआवजे और नौकरियों से संबंधित बिंदु संबंधित राज्य की सरकार देखती है।
अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए एडवायजरी जारी की
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और असम राइफल्स के लिए एडवायजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि इसमें बलों को सलाह दी गई है कि सख्ती के साथ सतर्कता व निगरानी बनाए रखें और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाएं।
अवधी भाषा को अनुसूचित दर्जे की मांग पर कही ये बात
अवधी भाषा को अनुसूचित भाषा का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री राय ने कहा, चूंकि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए किसी भी भाषा पर विचार करने के लिए कोई निश्चित मानदंड नहीं है। इसलिए समावेश की मांगों पर विचार करने के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की जा सकती है। बता दें कि अवधी भाषा के कई साहित्यकारों ने इसे अनुसूचित भाषा का दर्जा देने की मांग की है।
पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों में इजाफा नहीं हुआ
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा प्रकाशित की गई जेल सांख्यिकी भारत 2019 रिपोर्ट में साल 2019 में जेल में 1775 मौतों का उल्लेख किया गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री राय ने कहा कि कि पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों में इजाफा होने की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। एनएचआरसी के दिशानिर्देशों के अनुसार, पुलिस अथवा न्यायिक हिरासत में, प्राकृतिक या किसी और कारण से होने वाली हर मृत्यु की सूचना आयोग को उसके घटित होने के 24 घंटों के भीतर दी जानी चाहिए।