फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   More than 7000 resident doctors of government colleges in Maharashtra on strike

Maharashtra: 7000 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टरों ने वापस ली हड़ताल, मंत्री बोले- जल्द हल होंगे मुद्दे

Tue, 03 Jan 2023 09:23 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 03 Jan 2023 09:23 PM IST
सार

महाराष्ट्र के करीब 7000 रेजिडेंट डॉक्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। जिसके कारण मुंबई सहित प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में कामकाज प्रभावित हुआ। इन रेजिडेंट डॉक्टरों की मांगों में कोविड-19 बकाया भुगतान और सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता शामिल है। 
 

विज्ञापन
More than 7000 resident doctors of government colleges in Maharashtra on strike
हड़ताल पर रेजीडेंट डॉक्टर। - फोटो : Social Media

विस्तार

महाराष्ट्र में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर गए सरकारी कॉलेजों के 7,000 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टरों ने मंगलवार को अपनी हड़ताल वापस ले ली। महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कि विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे सरकारी कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपनी मांगों पर सकारात्मक बातचीत के बाद अपना आंदोलन वापस ले लिया है।

विज्ञापन


गौरतलब है कि महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) के तत्वावधान में प्रदेश के करीबन सात हजार से ज्यादा रेजीडेंट डॉक्टर छात्रावासों की गुणवत्ता और सहायक-एसोसिएट प्रोफेसरों के रिक्त पदों को भरने सहित कई मुद्दों को लेकर सोमवार को हड़ताल पर चले गए थे। महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) ने आरोप लगाया था कि जब ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट के बारे में आशंकाएं हैं, तो भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान देना उचित नहीं समझा।
विज्ञापन


गिरीश महाजन ने कही यह बात
इस मुद्दे पर राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि डॉक्टरों ने सकारात्मक बातचीत के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली है। हमने इन मुद्दों को युद्धस्तर पर उठाया है। उन्होंने कहा कि छात्रावासों से संबंधित मुद्दे को तुरंत हल करने का प्रयास किया जाएगा। इस बाबत छात्रावास की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 12 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कल किया था ये दावा
इससे पहले कल पत्रकारों से बात करते हुए राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि उन्होंने रेजिडेंट डॉक्टरों से बातचीत में शामिल होने के लिए कहा है और उनसे मामले को आगे नहीं बढ़ाने का आग्रह किया है। दरअसल, एमएआरडी ने हड़ताल का आह्वान किया है। दावा किया गया है कि सरकारी कॉलेजों में छात्रों को छात्रावासों की खराब गुणवत्ता के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मंत्री महाजन ने कहा कि हड़ताली डॉक्टरों की आधी मांग तत्काल मंजूर की जा रही है और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को मरम्मत कार्य के लिए 12 करोड़ रुपये दिए गए हैं। हम हर चीज को लेकर सकारात्मक हैं। उन्हें हड़ताल पर जाने से पहले हमसे बात करनी चाहिए थी।


एमएआरडी के अध्यक्ष अविनाश दहिपले ने कहा कि एसोसिएशन को बातचीत के लिए राज्य सरकार से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। रेजिडेंट डॉक्टर सरकारी और नागरिक निकाय द्वारा संचालित अस्पतालों में एक महत्वपूर्ण दल हैं, जहां रोगियों की भारी भीड़ देखी जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed