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500 से अधिक वकीलों ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र, कहा- पहले की तरह हो सुनवाई, वर्चुअल सिस्टम ‘फेल’

Fri, 15 Jan 2021 03:36 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 15 Jan 2021 03:36 AM IST
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More than 500 lawyers wrote to Chief Justice saying Hearing as before virtual system failed
कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

कोरोना महामारी के चलते अदालत का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लगभग एक साल से सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई हो रही है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के 500 से अधिक वकीलों ने चीफ जस्टिस एसए बोबडे को पत्र लिखा है, जिसमें शीर्ष अदालत में पहले की तरह सुनवाई शुरू करने की अपील की गई है।

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वकीलों का कहना है कि सुनवाई का वर्चुअल तरीका फेल और निष्प्रभावी है। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट में पहले की तरह कामकाज शुरू हो और सुनवाई की पुरानी व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए। कोरोना के मामले बढ़ने और देश में लॉकडाउन की वजह से शीर्ष अदालत में पिछले साल मार्च से वर्चुअल तरीके से सुनवाई हो रही है।
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चीफ जस्टिस बोबडे को लिखे पत्र में वकील कुलदीप राय, अंकुर जैन और अनुज ने कहा, वर्तमान में सुनवाई का वर्चुअल तरीका कारगर साबित नहीं हो रहा है। वर्चुअल तरीके से हो रही सुनवाई में कई तरह की परेशानियां आ रही हैं। शाखा सही समय पर फोन का जवाब नही देती है, जिसकी वजह से महत्वपूर्ण मामले लंबित हो जाते हैं। वर्चुअल सुनवाई में नेटवर्क कनेक्टिविटी के मुद्दों और रजिस्ट्री द्वारा उचित प्रबंधन नहीं करने सहित कई खामियां हैं।
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कठिन दौर से गुजर रहे युवा वकील
पत्र में आगे कहा गया, वर्चुअल सुनवाई के कारण देश के कई नागरिक, विशेष रूप से युवा वकील, पिछले 10 महीनों में कोरोना महामारी और सुप्रीम कोर्ट के वर्चुअल कामकाज के बीच एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं।


कामकाज नहीं होने के चलते किराये के मकानों में रह रहे सुप्रीम कोर्ट के ढेरों वकीलों को दिल्ली छोड़ना पड़ा है। वर्चुअल सुनवाई में फायदे कम, जबकि नुकसान अधिक हुआ है। वर्चुअल सिस्टम प्रभावी तरीके से न्याय वितरण व्यवस्था के मकसद को पूरा करने में विफल रही है। इस व्यवस्था को लेकर कई शीर्ष जज भी अपनी नाखुशी जता चुके हैं।

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