फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   More than 2 lakh Indians gave up citizenship in 2024, Union Minister shared data of 5 years

Citizenship: 2024 में 2 लाख से अधिक भारतीयों ने छोड़ी नागरिकता, केंद्रीय मंत्री ने साझा किए 5 वर्षों के आंकड़े

Fri, 08 Aug 2025 08:50 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 08 Aug 2025 08:50 PM IST
सार

सरकार की ओर से भारतीय नागरिकों द्वारा देश की नागरिकता छोड़ने के आंकड़े साझा किए गए हैं। साल 2024 में 2,06,378 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ दी है। साल 2023 में यह संख्या 2,16,219 थी।

विज्ञापन
More than 2 lakh Indians gave up citizenship in 2024, Union Minister shared data of 5 years
पासपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

साल 2024 में 2,06,378 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ दी है। साल 2023 में यह संख्या 2,16,219 थी। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में पिछले 5 वर्षों में भारतीय नागरिकता त्याग दूसरे देशों की नागरिकता लेने वालों की संख्या के सवाल पर यह जानकारी दी।

विज्ञापन


कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने यह सवाल पूछा था। मंत्री ने बताया कि साल 2020 में भारतीय नागरिकता छोड़ने वाले भारतीयों की संख्या 85,256 थी। साल 2021 में 1,63,370, साल 2022 में 2,25,620 थी। उन्होंने बताया कि संदर्भ के लिए ऐसे मामले साल 2011 में 1,22,819, साल 2012 में 1,20,923, साल 2013 में 1,31,405 और साल 2014 में 1,29,328 थे। सरकार ने कहा, भारतीय नागरिकता छोड़ने या विदेशी नागरिकता लेने के कारण व्यक्तिगत होते हैं। सरकार ज्ञान अर्थव्यवस्था के युग में वैश्विक कार्यस्थल की क्षमता को पहचानती है। 
विज्ञापन


राज्य मंत्री ने कहा, सरकार ने प्रवासी भारतीयों के साथ अपने जुड़ाव में भी परिवर्तनकारी बदलाव लाया है। एक सफल, समृद्ध और प्रभावशाली प्रवासी भारत के लिए एक परिसंपत्ति है, जिसे उनके नेटवर्क का दोहन करने और ऐसे समृद्ध प्रवासी समुदाय से प्राप्त सॉफ्ट पावर के उत्पादक उपयोग से बहुत लाभ होगा। प्रवासी भारतीयों की जनसंख्या 3,43,56,193 है। इनमें से 1,71,81,071 भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) और 1,71,75,122 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

ओबीसी क्रीमी लेयर की आय सीमा में संशोधन जरूरी : संसदीय समिति
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कल्याण से जुड़े मामलों पर विचार करने वाली एक संसदीय समिति का कहना है कि क्रीमी लेयर की आय सीमा संशोधित करना समय की मांग है। समिति का कहना है कि मौजूदा सीमा पात्र ओबीसी परिवारों के एक बड़े वर्ग को आरक्षण और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित कर रही है।

समिति ने शुक्रवार को संसद में अपनी आठवीं रिपोर्ट में कहा कि आय सीमा 6.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये प्रति वर्ष करने संबंधी संशोधन 2017 में किया गया था। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के नियमों के अनुसार इस सीमा की समीक्षा हर तीन साल पर या जरूरत पड़ने पर उससे पहले भी की जानी चाहिए।

भाजपा सांसद गणेश सिंह की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति ने कहा, वर्तमान आय सीमा कम है, और ओबीसी का केवल एक मामूली हिस्सा ही इसके दायरे में आता है। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति और निम्न आय वर्ग की बढ़ती आय के कारण इसमें वृद्धि की जानी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया कि समिति स्पष्ट शब्दों में वर्तमान क्रीमी लेयर सीमा की समीक्षा करने और इसमें संशोधन करने की सिफारिश दोहराती है ताकि ओबीसी के अधिक से अधिक लोगों को इसमें शामिल किया जा सके।

1 जुलाई तक 6,774 भारतीय कामगार गए इस्राइल: केंद्र

 इस वर्ष 1 जुलाई तक 6,774 भारतीय कामगार इस्राइल गए हैं। ये सभी नवंबर 2023 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते के तहत वहां काम करने गए। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में अक्टूबर 2023 में इस्राइल-हमास संघर्ष के बाद इस्राइल की ओर से भारत से भर्ती कुल श्रमिकों की संख्या की जानकारी दी।

सिंह ने कहा कि संघर्ष के दौरान मार्च 2024 में लेबनान से हुए एक हमले में एक भारतीय कृषि श्रमिक की मौत हो गई। तीन भारतीय घायल हुए। सरकार ने कहा, वह भारतीय कामगारों समेत विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

 

मन की बात कार्यक्रम ने 34.13 करोड़ रुपये कमाए: मंत्री

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम ने शुरुआत से अब तक 34.13 करोड़ रुपये की कमाई की है। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने शुक्रवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, यह कार्यक्रम कई पारंपरिक और डिजिटल प्लेटफॉर्म से दर्शकों तक पहुंचता है।

कार्यक्रम आकाशवाणी द्वारा बिना अतिरिक्त खर्च के तैयार किया जाता है। इसका पहला प्रसारण 3 अक्टूबर 2014 को हुआ था। मुरुगन ने कहा, दर्शकों का एक बड़ा वर्ग आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) पर कार्यक्रम सुनता है। स्थानीय भाषा के दर्शकों तक पहुंचने को क्षेत्रीय भाषा संस्करण भी प्रसारित किए जाते हैं। दूरदर्शन के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय भाषाओं के चैनलों पर भी प्रसारण होता है, जिससे कार्यक्रम ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों समेत देशभर के दर्शकों के लिए सुलभ हो जाता है। मंत्री ने कहा, मन की बात का दृश्य प्रारूप साझा देखने के अनुभवों को सक्षम बना सामूहिक चिंतन और चर्चा को बढ़ावा देकर दर्शकों की भागीदारी को बढ़ाता है। प्रसारण और संग्रह पीएमओ इंडिया, आकाशवाणी जैसे यूट्यूब चैनलों और प्रसार भारती के ओटीटी प्लेटफॉर्म वेव्स के साथ न्यूज ऑन एयर मोबाइल एप से भी किया जाता है। कार्यक्रम को फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये भारत और दुनियाभर के दर्शक देखते हैं।

 

एमएसपी पर समिति की 45 बैठकें हो चुकीं: शिवराज सिंह

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल की अध्यक्षता वाली न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समिति की अब तक 45 बैठकें हो चुकी हैं।

समिति जुलाई 2022 में गठित की गई थी, यानी आठ महीने पहले सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेते हुए इस तरह का एक पैनल गठित करने का वादा किया था। चौहान ने कहा, कुल मिलाकर अब तक 39 उप-समितियों/ उप-समूहों की बैठकों समेत 45 बैठकें हो चुकी हैं। मंत्री ने कहा, सरकार देश के किसानों तक एमएसपी का पूरा लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। एमएसपी प्रणाली को और प्रभावी- पारदर्शी बनाने के लिए सुझाव देने हेतु समिति का गठन किया गया था। इसके अलावा समिति को कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को अधिक स्वायत्तता देने की व्यवहार्यता और इसे और अधिक वैज्ञानिक बनाने के तरीकों की जांच करने के लिए कहा गया था।

सरकार के लिए ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : जयशंकर
सरकार ने शुक्रवार को कहा कि ऊर्जा सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और लोगों को किफायती ऊर्जा उपलब्ध हो, इसके लिए उसने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सरकार एक बहुआयामी रणनीति अपना रही है जिसमें आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाना, तेल और गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाना, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने का विस्तार करना और ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाना शामिल है। उनसे वैश्विक तनाव के बीच देश के सामरिक और ऊर्जा हितों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण पूछा गया था। साथ ही यह जानकारी भी मांगी गई थी कि क्या सरकार ने रूस और ईरान से भारत के पेट्रोलियम आयात पर प्रतिबंधों के प्रभाव के बारे में अमेरिका जैसे देशों के साथ चिंता व्यक्त की है।

एलएसी मुद्दे पर समझौता तय प्रक्रिया के अनुसार लागू किया गया
विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त की व्यवस्था को लेकर 21 अक्तूबर 2024 को एक समझौता हुआ। इसके बाद दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटीं तथा यह समझौता तय प्रक्रिया और समयसीमा के अनुसार अमल में लाया गया है।

ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका में हिंदुओं पर हमले की घटनाएं
सरकार ने लोकसभा को बताया कि ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका में हिंदुओं पर हमले और हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ के मामले सामने आए हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने एक लिखित जवाब में कहा कि पिछले वर्ष से अमेरिका में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ के 05 और कनाडा में 04 मामले सामने आए हैं। स्कॉटलैंड (यूके) में ऐसा कोई मामला विशेष रूप से सामने नहीं आया है। उन्होंने यह भी बताया कि स्कॉटिश संसद में वर्तमान में हिंदूफोबिया के विरुद्ध कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed