फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Morbi Bridge Tragedy: Government opposes Jaisukh Patel's bail plea, court will pronounce verdict on March 7

Morbi Bridge Tragedy: जयसुख पटेल की जमानत याचिका का सरकार ने किया विरोध, कोर्ट सात मार्च को सुनाएगी फैसला

Sat, 04 Mar 2023 10:02 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sat, 04 Mar 2023 10:02 PM IST
सार

उच्च न्यायालय ने 22 फरवरी को ओरेवा कंपनी को हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये व घायलों को दो लाख रुपये मुआवजा चार सप्ताह के भीतर देने का निर्देश दिया था।

विज्ञापन
Morbi Bridge Tragedy: Government opposes Jaisukh Patel's bail plea, court will pronounce verdict on March 7
मोरबी पुल हादसा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गुजरात में मोरबी पुल हादसे मामले में सरकार ने ओरेवा कपंनी के प्रमोटर जयसुख पटेल की अंतरिम जमानत याचिका का शनिवार को विरोध किया। जयसुख पटेल ने हादसे के मृतकों के परिवारों और घायल हुए 56 लोगों को मुआवजा देने के लिए विभिन्न औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए 15 से 20 दिनों के लिए जमानत की मांग की थी। हालांकि, सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए उनकी उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है। 

विज्ञापन


बता दें, गुजरात उच्च न्यायालय ने 22 फरवरी को ओरेवा कंपनी को हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये व घायलों को दो लाख रुपये मुआवजा चार सप्ताह के भीतर देने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन


कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला 
इस मामले में शनिवार को हुई सुनवाई के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीसी जोशी की अदालत ने पटेल की अंतरिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सात मार्च के लिए सुरक्षित रख लिया है। बता दें, मोरबी पुलिस हादसे में पुलिस ने जयसुख पटेल के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं। पटेल, को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा दायर चार्जशीट में एक आरोपी बनाया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


135 लोगों की हुई थी मौत
बता दें, मोरबी पुल हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई थी, तो कई लोग घायल हो गए थे। एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया था कि पुल के एक केबल पर लगभग आधे तारों पर जंग लगी थी और पुराने सस्पेंडर्स को लगाया गया था, जिस कारण पुल बोझ सहन नहीं कर सका और गिर गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed