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Gujarat High Court: ओरेवा ग्रुप के एमडी की मुश्किलें बढ़ीं, मोरबी मामले में अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई टली
Wed, 18 Oct 2023 04:27 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 18 Oct 2023 04:27 PM IST
सार
मोरबी पुल हादसा मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को ओरेवा ग्रुप के एमडी जयसुख पटेल की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी है।
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गुजरात हाईकोर्ट
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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विस्तार
मोरबी पुल हादसा मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को ओरेवा ग्रुप के एमडी जयसुख पटेल की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी है। न्यायमूर्ति दिव्येश ए जोशी की अदालत ने याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया, लेकिन मामले पर अगली सुनवाई 27 अक्तूबर तय की गई है।
क्या था मामला?
गुजरात के मोरबी शहर में मच्छू नदी पर ब्रिटिश काल का झूला पुल पिछले साल 30 अक्तूबर को ढह गया था, जिसमें 135 लोगों की मौत हो गई थी और 56 अन्य घायल हो गए थे। घटना में मुख्य आरोपी ओरेवा ग्रुप के एमडी को बनाया गया था। बता दें राजकोट मुख्यालय वाला ओरेवा ग्रुप पुल के रखरखाव और संचालन के लिए जिम्मेदार था। राज्य सरकार द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) ने ओरेवा समूह की ओर से गंभीर परिचालन और तकनीकी खामियों को उजागर किया था।
एसआईटी की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पुल ढहना उचित प्रक्रिया का पालन करने में प्रशासनिक स्तर पर चूक का परिणाम था। पुल की मरम्मत करने और इसे जनता के लिए खोलने से पहले इसका परीक्षण करने में तकनीकी अक्षमता का कारण भी था। इसमें कहा गया है कि ओरेवा कंपनी के प्रबंधन की ओर से उदासीन दृष्टिकोण के कारण इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। बता दें कि मामले में कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें पटेल, उनकी फर्म के दो प्रबंधक और पुल की मरम्मत करने वाले दो उप-ठेकेदार, तीन सुरक्षा गार्ड और दो टिकट बुकिंग क्लर्क शामिल हैं।
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क्या था मामला?
गुजरात के मोरबी शहर में मच्छू नदी पर ब्रिटिश काल का झूला पुल पिछले साल 30 अक्तूबर को ढह गया था, जिसमें 135 लोगों की मौत हो गई थी और 56 अन्य घायल हो गए थे। घटना में मुख्य आरोपी ओरेवा ग्रुप के एमडी को बनाया गया था। बता दें राजकोट मुख्यालय वाला ओरेवा ग्रुप पुल के रखरखाव और संचालन के लिए जिम्मेदार था। राज्य सरकार द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) ने ओरेवा समूह की ओर से गंभीर परिचालन और तकनीकी खामियों को उजागर किया था।
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एसआईटी की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पुल ढहना उचित प्रक्रिया का पालन करने में प्रशासनिक स्तर पर चूक का परिणाम था। पुल की मरम्मत करने और इसे जनता के लिए खोलने से पहले इसका परीक्षण करने में तकनीकी अक्षमता का कारण भी था। इसमें कहा गया है कि ओरेवा कंपनी के प्रबंधन की ओर से उदासीन दृष्टिकोण के कारण इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। बता दें कि मामले में कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें पटेल, उनकी फर्म के दो प्रबंधक और पुल की मरम्मत करने वाले दो उप-ठेकेदार, तीन सुरक्षा गार्ड और दो टिकट बुकिंग क्लर्क शामिल हैं।
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