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देश में पहुंचा मानसून, केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश, कोझिकोड में रेड अलर्ट
Tue, 02 Jun 2020 06:54 AM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Tue, 02 Jun 2020 06:54 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है। इसी के साथ देश में चार महीने लंबे मानसून सत्र की शुरुआत हो गई। यह जानकारी भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को दी। मानसून इस बार बिलकुल सही समय एक जून को पहुंचा है। हालांकि, निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने दो दिन पहले ही मानसून के पहुंचने का एलान किया था, लेकिन मौसम विभाग ने उसके दावे को खारिज कर दिया था।
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केरल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कोझिकोड के वटकारा जिले में 15 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसे देखते हुए जिले में अगले दो दिन के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा सात अन्य जिलों में मंगलवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि आखिरकार मानसून सही समय में केरल पहुंच गया है। उन्होंने मछुआरों को अगले कुछ दिन तक समुद्र में नहीं जाने को कहा है।
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केरल के दक्षिण तटीय इलाकों और लक्षद्वीप में बीते चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे पहले मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा था कि केरल में इस बार मानसून चार दिन की देरी से से पहुंचेगा और मानसून पांच जून तक आ सकता है। हालांकि, बाद में विभाग ने मानसून के एक जून को ही पहुंचने की बात कही थी। दक्षिण-पश्चिम मानसून आम तौर पर सबसे पहले केरल में दस्तक देता है। इसके बाद अलग-अलग वक्त पर देश के अलग-अलग जगहों पर पहुंचता है।
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गुजरात और महाराष्ट्र के तट से टकरा सकता है चक्रवाती तूफान
वहीं दूसरी ओर अरब सागर में बने दबाव के एक विकराल चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। यह तीन जून को उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से होकर गुजरेगा। विभाग के चक्रवाती प्रभाग ने कहा कि दो जून तक यह चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा और इसके उत्तर की ओर बढ़ने की आशंका है। फिर यह उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ेगा और तीन जून की शाम या रात को हरिहरेश्वर (रायगढ़, महाराष्ट्र) और दमन के बीच उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों को पार करेगा। रायगढ़ और दमन के बीच लगभग 260 किलोमीटर में फैला यह हिस्सा देश के सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले स्थानों में से एक है। मुंबई के अलावा इससे ठाणे, नवी-मुंबई, पनवेल, कल्याण-डोम्बिवली, मीरा-भयंदर, वसई-विरार, उल्हासनगर, बदलापुर और अंबरनाथ जैसे शहर भी प्रभावित होंगे। महापात्र ने कहा कि इस चक्रवात से मुंबई पर असर पड़ेगा। तीन जून शाम को यह तट पार करेगा तो इसकी गति 105 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा की होगी। दक्षिणी गुजरात और तटीय महाराष्ट्र में इससे भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
मुंबई और इससे लगते इलाकों में हल्की बारिश, आंधी
अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से सोमवार तड़के मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में हल्की बारिश और आंधी आई। रविवार को भी पुणे समेत राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई थी।
एनडीआरएफ की टीमों की तैनाती
दोनों राज्यों में चक्रवाती तूफान को देखते हुए एनडीआरएफ टीमों को तैनात किया गया है। गुजरात के पांच जिलों सूरत, भरूच, नवसारी, वलसाड और डांग में 10 टीमों की तैनाती की गई है, जबकि एसडीआरएफ की पांच टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। वहीं महाराष्ट्र में नौ टीमों की तैनाती की गई है। इनमें से मुंबई में तीन, पालघर में दो, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरि और सिंधुदुर्ग में एक-एक टीम को तैनात किया गया है।
बारिश से उत्तर भारत को लू से राहत मिलने के आसार
दिल्ली सहित उत्तर भारत के अनेक राज्यों में रविवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे लू से एक हफ्ते तक राहत मिलने के आसार हैं। दिल्ली में रातभर हल्की बारिश और दिन में भी बारिश होने से अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानी ने अगले दो दिन में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे रहने का अनुमान जताया है। हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी वर्षा हुई। मौसम विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि एक जून से तीन जून के बीच दिल्ली-एनसीआर में तापमान 2-4 डिग्री बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जून के पहले सप्ताह में उत्तर पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ की आशंका है, आठ जून से पहले इस क्षेत्र लू चलने की संभावना नहीं है। पिछले हफ्ते उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में लू चलनी शुरू हो गई थी। ताजा पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पश्चिमी हवाओं तथा अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने से दिल्ली- एनसीआर में और नमी सकती है।