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Pravasi Bharatiya Divas: 'गर्व का पल...', प्रवासी भारतीय दिवस पर ओडिशा के नेताओं ने जताई खुशी
Thu, 09 Jan 2025 04:02 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 09 Jan 2025 04:02 PM IST
सार
ओडिशा में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य के नेताओं ने इस आयोजन को लेकर खुशी जताई। उनका कहना है कि इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा और पर्यटन व रोजगार जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।
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ओडिशा के नेता
- फोटो : एएनआई
विस्तार
ओडिशा के प्रमुख राजनेताओं ने इस साल भुवनेश्वर में हो रहे 18वें प्रवासी भारतीय दिवस पर खुशी जाहिर की। नेताओं का कहना है कि इस आयोजन से राज्य में निवेश आएगा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रवासी भारतीयों के साथ संबंध मजबूत होंगे।
भुवनेश्वर से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि मेरे शहर भुवनेश्वर और ओडिशा राज्य को विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री ने 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन करने के लिए चुना है। उन्होंने कहा, यह (आयोजन) न केवल प्रवासी भारतीयों को समृद्ध करेगा, बल्कि ओडिशा को भी लाभ होगा क्योंकि वे अपनी जड़ों से जुड़ेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि राज्य की अर्थव्यवस्था आने वाले दिनों में जरूर बढ़ेगी।
वहीं, ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सूरतमा पाधी ने कहा, ओडिशा एक ऐसा प्रदेश है जो अवसरों और समृद्धि से भरा हुआ है। ओडिशा में जमीन, जल, जंगल सबकुछ है। ओडिशा को इस आयोजन से निश्चित रूप से लाभ होगा। ओडिशा विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसलिए हम प्रवासी भारतीयों से अपील करते हैं कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और राज्य को आगे बढ़ाने में मदद करें। यह हमारे लिए गर्व का पल है कि प्रधानमंत्री ने ओडिशा को इस आयोजन के लिए चुना।
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उन्होंने आगे कहा, ओडिशा का विकास विकसित भारत का एक रास्ता खोलेगा और यह प्रवासी भारतीयों की मदद से ही संभव होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पूर्वोदय दृष्टिकोण के तहत ओडिशा भारत का केंद्र बनकर उभरने वाला है।
ओडिशा के उप मुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव ने कहा, प्रतिनिधि इस आयोजन की व्यवस्थाओं से बेहद खुश हैं और ओडिशा में निवेश को लेकर बहुत आशान्वित हैं। उन्होंने कहा, अगर ओडिशा में निवेश आता है, तो निश्चित रूप से ओडिशा के लोग लाभान्वित होंगे, क्योंकि इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ओडिशा की कला, संस्कृति और धरोहर हमेशा इसकी ताकत रही है। लेकिन विदेशी पर्यटकों के बीच इसे सही तरीके से प्रचारित नहीं किया गया है। अगर ओडिशा में पर्यटन विकसित होता है और पर्यन के विकास के लिए बुनियादी ढांचा तैयार होता है, तो ओडिशा को इसका बहुत बड़ा लाभ होगा।
'प्रवासी भारतीय दिवस' भारत सरकार का प्रमुख आयोजन है, जो भारतीय प्रवासियों के साथ संवाद और संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इस साल 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 8 से 10 जनवरी तक भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार के साथ साझेदारी में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की थीम 'प्रवासी भारतीयों का योगदान-एक विकसित भारत की ओर' है। 50 से अधिक देशों से प्रवासी भारतीय समुदायों के लोग इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए पंजीकरण कर चुके हैं।
प्रवासी भारतीयों ने भी जताई खुशी
दुनिया भर से आए सैकड़ों प्रवासी भारतीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए भुवनेश्वर के जनता मैदान में एकत्र हुए। उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत और इस आयोजन की तैयारियों को लेकर ओडिशा की सराहना की। प्रवासी भारतीयों ने कहा कि यह आयोजन राज्य की जीवंत सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहा है।
पचास वर्षों से स्लोवेनिया में रहने वाली एक प्रवासी भारतीय कोकी वेबर ने इस आयोजन में शामिल होने को लेकर खुशी जाहिर की। वह नमस्ते नाम का एक कारोबार चलाती हैं, जिसमें भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने कहा, मैं भारतीय हस्तशिल्प से बने चमड़े के सामान, रेशमी स्कार्फ, अगरबत्तियां और इनर गारमेंट्स बेचती हूं, जो सभी भारत में बने होते हैं। कोकी ने ओडिशा को भारत का एक छिपा हुआ रत्न बताया।
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भुवनेश्वर से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि मेरे शहर भुवनेश्वर और ओडिशा राज्य को विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री ने 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन करने के लिए चुना है। उन्होंने कहा, यह (आयोजन) न केवल प्रवासी भारतीयों को समृद्ध करेगा, बल्कि ओडिशा को भी लाभ होगा क्योंकि वे अपनी जड़ों से जुड़ेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि राज्य की अर्थव्यवस्था आने वाले दिनों में जरूर बढ़ेगी।
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वहीं, ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सूरतमा पाधी ने कहा, ओडिशा एक ऐसा प्रदेश है जो अवसरों और समृद्धि से भरा हुआ है। ओडिशा में जमीन, जल, जंगल सबकुछ है। ओडिशा को इस आयोजन से निश्चित रूप से लाभ होगा। ओडिशा विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसलिए हम प्रवासी भारतीयों से अपील करते हैं कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और राज्य को आगे बढ़ाने में मदद करें। यह हमारे लिए गर्व का पल है कि प्रधानमंत्री ने ओडिशा को इस आयोजन के लिए चुना।
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उन्होंने आगे कहा, ओडिशा का विकास विकसित भारत का एक रास्ता खोलेगा और यह प्रवासी भारतीयों की मदद से ही संभव होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पूर्वोदय दृष्टिकोण के तहत ओडिशा भारत का केंद्र बनकर उभरने वाला है।
ओडिशा के उप मुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव ने कहा, प्रतिनिधि इस आयोजन की व्यवस्थाओं से बेहद खुश हैं और ओडिशा में निवेश को लेकर बहुत आशान्वित हैं। उन्होंने कहा, अगर ओडिशा में निवेश आता है, तो निश्चित रूप से ओडिशा के लोग लाभान्वित होंगे, क्योंकि इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ओडिशा की कला, संस्कृति और धरोहर हमेशा इसकी ताकत रही है। लेकिन विदेशी पर्यटकों के बीच इसे सही तरीके से प्रचारित नहीं किया गया है। अगर ओडिशा में पर्यटन विकसित होता है और पर्यन के विकास के लिए बुनियादी ढांचा तैयार होता है, तो ओडिशा को इसका बहुत बड़ा लाभ होगा।
'प्रवासी भारतीय दिवस' भारत सरकार का प्रमुख आयोजन है, जो भारतीय प्रवासियों के साथ संवाद और संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इस साल 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 8 से 10 जनवरी तक भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार के साथ साझेदारी में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की थीम 'प्रवासी भारतीयों का योगदान-एक विकसित भारत की ओर' है। 50 से अधिक देशों से प्रवासी भारतीय समुदायों के लोग इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए पंजीकरण कर चुके हैं।
प्रवासी भारतीयों ने भी जताई खुशी
दुनिया भर से आए सैकड़ों प्रवासी भारतीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए भुवनेश्वर के जनता मैदान में एकत्र हुए। उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत और इस आयोजन की तैयारियों को लेकर ओडिशा की सराहना की। प्रवासी भारतीयों ने कहा कि यह आयोजन राज्य की जीवंत सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहा है।
पचास वर्षों से स्लोवेनिया में रहने वाली एक प्रवासी भारतीय कोकी वेबर ने इस आयोजन में शामिल होने को लेकर खुशी जाहिर की। वह नमस्ते नाम का एक कारोबार चलाती हैं, जिसमें भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने कहा, मैं भारतीय हस्तशिल्प से बने चमड़े के सामान, रेशमी स्कार्फ, अगरबत्तियां और इनर गारमेंट्स बेचती हूं, जो सभी भारत में बने होते हैं। कोकी ने ओडिशा को भारत का एक छिपा हुआ रत्न बताया।