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संसद में अविश्वास प्रस्ताव को मोदी बनाम राहुल बनाने की तैयारी
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:17 AM IST
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सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर तेलगू देशम पार्टी द्वारा दी गई नोटिस भले ही मंजूर हो गई हो लेकिन कांग्रेस पार्टी की कोशिश अब अपने पार्ट-टू को सफल बनाने की है। पार्टी की लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर तैयार की जा रही रणनीति से साफ संकेत हैं कि कांग्रेस विपक्ष के सबसे बड़े दल तथा राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी की हैसियत से अपना दबदबा कायम रखना चाहती है। इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी खास तौर से तैयारी कर रहे हैं। पार्टी के नेता सदन और संसद परिसर में आक्रमकता बनाए रखने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के मोदी बनाम राहुल हो जाने की पूरी संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या चिंता?
वाकपटु, रणनीति बनाने में माहिर, किसी भी विपरीत परिस्थिति को पक्ष में कर लेने की क्षमता में निपुण, प्रखर वक्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को बहुत तवज्जो नहीं दे रहे हैं। केन्द्र सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल है। अकेले भाजपा के पास ही बहुमत है। एनडीए के शामिल होने के बाद लोकसभा में सत्ता पक्ष की संख्या काफी मजबूत है।
क्या है अविश्वास प्रस्ताव, कब और क्यों होता है इसका उपयोग, जानिए सबकुछ
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भाजपा के एक केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि सदन में अपनी बात रखने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी या कांग्रेस के मौजूदा किसी नेता से प्रधानमंत्री की कोई तुलना नहीं की जा सकती। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मत विभाजन होने दीजिए। सत्ता पक्ष आश्वस्त है कि अविश्वास प्रस्ताव मंजूर होने के बाद जहां यह गिरने वाला है, वहीं इसके गिरने के बाद विपक्ष पर नैतिक दबाव काफी बढ़ जाएगा।
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हूटिंग झेलने के लिए तैयार हैं राहुल
pm modi, rahul randhi
कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों को उम्मीद है कि लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बोलने पर उनकी हूटिंग होने की पूरी संभावना है। सत्ता पक्ष के सदस्य न केवल बीच बीच में कटाक्ष करेंगे, बल्कि निजी हमले भी कर सकते हैं। सदन में राहुल गांधी के बोलने के लिए खड़े होने पर व्यवधान डालने का भी प्रयास होना तय है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं। पार्टी के लोकसभा में एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि आप हवन करेंगे और उसकी आंच भी न आए, यह कैसे संभव है? इसे केन्द्र में रखकर कांग्रेस पार्टी के नेता सहयोगियों के साथ तालमेल बनाकर सत्ता पक्ष की धार कुंद करने की तैयारी कर रहे हैं। एनसीपी, सपा, तृणमूल समेत अन्य के साथ इसके बाबत चर्चा जारी है।
चार साल के कामकाज पर बोलेंगे राहुल गांधी
अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा में बोलेंगे। सूत्र बताते हैं कि इसके लिए पूरी तैयारी चल रही है। सत्ता पक्ष को भी इसका अंदाजा है। राहुल कब बोलें, कि क्रम में बोलें इसके लिए भी कांग्रेस पार्टी के भीतर मंथन चल रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष शुक्रवार को शुरू होने वाली चर्चा के दौरान सदन के भीतर ही बोलें या फिर एक दिन पहले संसद परिसर में मीडिया के सामने अपनी बात रखें?
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सदन में राहुल गांधी बोलें तो कितनी देर तक अपना पक्ष रखें, इन सबके बाबत भी पार्टी के नेता रणनीति बना रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी खुद इस रणनीति की मॉनिटरिंग कर रही हैं। खुद कांग्रेस अध्यक्ष भी केन्द्र सरकार के कामकाज के चार साल बाद मिले इस अवसर को खोना नहीं चाहते। इसलिए मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में जोरदार हमला बोल सकते हैं। यूपीए की मन मोहन सिंह सरकार और एनडीए की मोदी सरकार की तुलना भी कर सकते हैं।
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