बीजेपी के लिए चुनौती से कम नहीं पीएम मोदी की रैली
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खाद कारखाना परिसर में 22 जुलाई को होने वाली प्रधानमंत्री की रैली भाजपाइयों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। कई दिनों से लगातार बारिश होने से व्यवस्था में खलल पड़ रहा है। यदि मौसम का यही हाल रहा तो भीड़ के लिए सभा स्थल तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
विधानसभा चुनाव के संभावित दावेदारों को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि भाजपा नेताओं का दावा है कि आंधी आए या तूफान, लोग पीएम को सुनने आने को तैयार हैं। प्रधानमंत्री की रैली को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पर भाजपा नेता रैली की सफलता को लेकर निश्चिंत हैं।
इसके लिए पूरे गोरखपुर क्षेत्र में कमेटियों का गठन कर दिया गया है। हर जिले से कम से कम दो सौ बड़ी बसें आएंगी। हर विधानसभा से तीन सौ से चार सौ छोटी गाड़ियों को लाने की व्यवस्था की गई है। रणनीतिकारों का कहना है कि नजदीक के जनपदों से भारी संख्या में दो पहिया वाहनों से भी कार्यकर्ता आएंगे।
महानगर में एक हजार से अधिक टैंपो को भी बुक किया गया है। रैली स्थल से पांच किलोमीटर की परिधि में रहने वालों को पैदल आने को तैयार किया जा रहा है। मौसम को देखते हुए बड़े वाहनों को रैली स्थल से थोड़ी दूर पिच रोड पर खड़ा किया जाएगा, जबकि छोटे वाहनों को रैली के नजदीक तक जाने की व्यवस्था की गई है।
पीएम को सुनने को उत्सुक हैं लोग
भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं रैली प्रभारी स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि बारिश के समय भी हमें रैली का अनुभव है। 2009 में कानपुर में आडवाणी की रैली थी। मुसलाधार बारिश के बीच भी कम समय में बीस हजार की भीड़ जुटा दी थी।
प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश में गुरु गोरखनाथ की तप: स्थली पर दो बड़े प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने आ रहे हैं। उन्हें सुनने की लोगों में उत्सुकता है। विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार रैली में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में जुट गए हैं। चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार दीपू जायसवाल का कहना है कि रैली की तैयारी पूरी हो चुकी है।
100 चार पहिया वाहन, दस बड़ी बसें और 300 मोटर साइकिल से उनके समर्थक रैली में भाग लेंगे। इसी तरह से अन्य दावेदार भी अपने साथ भीड़ लेकर पहुंचेंगे। उधर, भाजपा नेता जटाशंकर ने समर्थकों के साथ अल्पसंख्यक बस्तियों में जाकर लोगों से संपर्क कर उन्हें गुलाब का फूल भेंट किया। साथ ही सभी से रैली में आने की अपील की।