Modi Ka Parivar: कई यूजर अब भी 'चौकीदार', भाजपा का 'मोदी का परिवार' अभियान होगा कितना असरदार?
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विस्तार
भाजपा ने चार मार्च से 'मोदी का परिवार' अभियान शुरू कर दिया है। लालू प्रसाद यादव के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार पर किए गए हमले के बाद भाजपा ने इसे हथियार बना लिया। अब मोदी का परिवार अभियान चलाकर भाजपा यह साबित करने की कोशिश कर रही है कि प्रधानमंत्री के लिए देश की 140 करोड़ की जनता ही उनका परिवार है। 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले राहुल गांधी के एक हमले के जवाब में भाजपा ने 'मैं भी चौकीदार' अभियान शुरू किया था। पीएम मोदी सहित सभी भाजपा नेताओं ने अपने नाम के साथ 'मैं भी चौकीदार' हैशटैग लगाकर इसे एक सफल अभियान बनाने की कोशिश की थी। भाजपा को इसका लाभ भी मिला था।
अभी भी 'चौकीदार'
चुनाव में जबरदस्त सफलता हासिल करने के बाद प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने नाम के साथ लगा 'मैं भी चौकीदार' शब्द हटा दिया था। लेकिन एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम के कई सोशल मीडिया यूजर ने इस हैशटैग को अब तक नहीं हटाया है। इनमें से कुछ प्रोफाइल निष्क्रिय हैं, जो संभवतः चुनाव के दौरान बनाए गए होंगे और अब सक्रिय नहीं हैं। लेकिन कई प्रोफाइल अभी भी एक्टिव हैं और उनसे पोस्ट की जा रही हैं। यानी वे जानबूझकर अभी भी 'चौकीदार' बने हुए हैं।
मोदी का परिवार कितना असरदार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के लिए अपने संबोधनों में सबसे पहले 'भाइयों-बहनों' या 'मित्रों' शब्द का इस्तेमाल करते थे, लेकिन बीते वर्ष लाल किला से अपने भाषण में उन्होंने पहली बार देश की जनता के लिए 'मेरे परिवारजनों' शब्द का इस्तेमाल किया था। उनका यह प्रयोग काफी चर्चा में रहा। इसके बाद प्रधानमंत्री लगातार मेरे परिवारजनों शब्दों का उपयोग संबोधन के लिए कर रहे हैं।
लेकिन जब पटना के गांधी मैदान में भाषण देते हुए राष्ट्रीय जनता दल नेता लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार पर हमला बोल दिया, तब भाजपा आक्रामक हो गई। पटना में लालू प्रसाद यादव पर उनके बयान पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
भाजपा ने अभियान चलाया
वहीं, भाजपा ने एक अभियान चलाकर मोदी का परिवार अभियान चला दिया है। अब केंद्रीय नेताओं से लेकर राज्यों और बूथ स्तर तक के भाजपा कार्यकर्ता अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर मोदी का परिवार अभियान चला रहे हैं। इसके लिए विशेष कार्यक्रम, फोटो-वीडियो बनाकर जनता को इससे जोड़ने की कोशिश भी की जा रही है।
भाजपा का यह अभियान सीधे उसके उस एजेंडे का विस्तार भी कहा जा सकता है, जिसमें वह लगातार कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, बीआरएस सहित तमाम राजनीतिक दलों में 'परिवारवाद' होने का आरोप लगाती रही है। भाजपा का आरोप रहा है कि ये राजनीतिक दल केवल एक परिवार के बेटे-बेटियों को आगे बढ़ाने की बात सोचते हैं, जबकि वह स्वयं देश के हर व्यक्ति के उत्थान की बात सोचती है। प्रधानमंत्री ने इसी तर्ज पर तथाकथित परिवारवादी राजनीतिक दलों पर दक्षिण भारत के अपने चुनावी दौरे में भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनके लिए उनका परिवार सब कुछ है, जबकि मेरे लिए मेरा देश सब कुछ है।
बिहार में लालू परिवार पर भी यही आरोप हैं कि वह अपने बेटे तेजस्वी और तेज प्रताप यादव को बढ़ाने के लिए अपनी ही पार्टी के योग्य नेताओं को पीछे धकेलती रही है। यदि भाजपा यह मुद्दा कारगर बनाने में सफल रही, तो उसे इसका लाभ मिल सकता है।
पीएम मोदी का जीवन जनता के लिए- भाजपा
भाजपा प्रवक्ता जयराम विप्लव ने अमर उजाला से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए अपना पूरा जीवन दांव पर लगा दिया। अपने किसी निजी सुख-दुख की बजाय जनता का सुख-दुख ही उनका सुख दुख है। वे उन्हीं के लिए काम करते हैं और उन्हीं के कल्याण के लिए कार्यक्रम बनाते हैं। जबकि परिवारवादी दल केवल अपने बेटे-बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए काम करते हैं।
जयराम विप्लव ने कहा कि जनता यह देख रही है कि कौन उनके लिए काम कर रहा है और कौन अपने बेटे-बेटियों को राजनीति में सेट करने के लिए हर तरह का भ्रष्टाचार कर रहा है। यही कारण है कि जनता के बीच मोदी की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, तो परिवारवादी और जातिवादी राजनीतिक दल अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार का परिणाम कई दलों के लिए आंखें खोलने वाला साबित होगा।