अमित शाह बोले: मोदी सरकार ने 10 साल में रखी मजबूत ग्रामीण विकास की नींव, गरीबों के लिए किए महत्वपूर्ण काम
Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार मई में दस साल पूरा करेगी। इन वर्षों के दौरान गरीबों और किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए हैं। देश के 23 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार मई में अपने दस साल पूरे करने जा रही है। सरकार ने इस दौरान ग्रामीण विकास के लिए एक मजबूत नींव रखी है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को यह बात कही।
शाह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एआरडीबी और आरसीएस कार्यालयों की कंप्यूटरीकरण की योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार मई में दस साल पूरा करेगी। जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो इन वर्षों के दौरान गरीबों और किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए हैं। देश के 23 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। साठ करोड़ गरीबों को बिजली, मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं दी गईं हैं। स्वरोजगार लाने के लिए सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की गई।
उन्होंने कहा, 'मोदी सरकार ने मजबूत ग्रामीण विकास की नींव रखी है।' उन्होंने कहा, 'सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एआरडीबी और आरसीएस कार्यलयों का कंप्यूटरीकरण प्रधानमंत्री मोदी के 'सहकार से समृद्धि' दृष्टिकोण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना सहकारी क्षेत्र के आधुनिकीकरण और पूरे सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को डिजिटल मंच पर लाने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता दिखाती है।'
सहकारिता मंत्री ने कहा, 'इस परियोजना का मकसद 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एआरडीबी की 1851 इकाइयों का कंप्यूटरीकरण करना और उन्हें एक साझा राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर के जरिए नाबार्ड के साथ जोड़ना है।' उन्होंने कहा कि इसमें सामान्य लेखा प्रणाली (सीएएस) और प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) के जरिए व्यावसायिक प्रक्रियाओं को मानकीकृत किया जाएगा। इससे एआरडीबी में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी।
शाह ने कहा, 'सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों (एआरडीबी) और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (आरसीएस) के कार्यालयों के कंप्यूटरीकरण के लिए करीब 225 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, इस पहला का मकसद लेन-देन की लागत को कम करना, किसानों को ऋण वितरण की सुविधा प्रदान करना और योजनाओं की बेहतर निगरानी करना और मूल्यांकन के लिए रियल टाइम डाटा तक पहुंच को सक्षम करना है।'