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Modi Govt 8 Years: मोदी राज में कितना बदला देश का सियासी नक्शा, अगले दो साल में क्या होगा?
Thu, 26 May 2022 08:53 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Thu, 26 May 2022 08:53 AM IST
सार
26 मई 2014 में नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने। उस वक्त सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकारें थीं। इनमें पांच राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री थे। वहीं, बिहार और पंजाब में उसकी सहयोगी पार्टी सरकार चला रही थी।
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देश का सियासी नक्शा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मोदी सरकार के आठ साल आज पूरे हो गए। बीते आठ साल में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। 2019 में लोकसभा चुनाव भी हुआ। इन आठ सालों में देश का सियासी नक्शा कैसे बदला? अगले दो साल में कहां-कहां चुनाव होने हैं? आइए आंकड़ों को विशेषज्ञों की राय के जरिए समझते हैं...
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देश की 50 फीसदी आबादी पर भाजपा का राज
गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- फोटो : अमर उजाला
10 मार्च को उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आए। इन पांच चुनावी राज्यों में से चार पर भाजपा ने फिर से जीत हासिल की। वहीं, पंजाब की सत्ता कांग्रेस के हाथों से खिसक गई। इस जीत के साथ देश के 18 राज्यों में भाजपा ने अपनी सरकार बरकरार रखने में कामयाबी हासिल कर ली। इन राज्यों में देश की करीब 50% फीसदी आबादी रहती है।
यानी, देश की करीब आधी आबादी वाले राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। वहीं, कांग्रेस की सरकार अब पांच राज्यों तक ही सिमटकर रह गई है। दो राज्यों में उसके मुख्यमंत्री हैं तो तीन राज्यों में वो सरकार का हिस्सा है। इन पांच राज्यों में देश की करीब 22 फीसदी आबादी रहती है।
यानी, देश की करीब आधी आबादी वाले राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। वहीं, कांग्रेस की सरकार अब पांच राज्यों तक ही सिमटकर रह गई है। दो राज्यों में उसके मुख्यमंत्री हैं तो तीन राज्यों में वो सरकार का हिस्सा है। इन पांच राज्यों में देश की करीब 22 फीसदी आबादी रहती है।
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2014 में सात राज्यों में थी भाजपा सरकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
26 मई 2014 को जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, उस वक्त सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकारें थीं। आंध्र प्रदेश और पंजाब में उसकी सहयोगी पार्टी सरकार चला रही थी। इन दो राज्यों में देश की 6 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है। बाकी पांच राज्यों छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा के मुख्यमंत्री थे।
इन राज्यों में देश की 19 फीसदी आबादी रहती है। यानी, जब मोदी सत्ता में आए उस वक्त करीब 26 फीसदी आबादी पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकारें चल रही थीं। वहीं, उस समय 14 राज्यों में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकार थी। इन राज्यों में देश की 27 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है।
2018 में पीक पर पहुंची भाजपा
2014 में सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकार थी। चार साल बाद मार्च 2018 में 21 राज्यों में भाजपा और उसके साथी दलों की सरकारें बन गईं। इन राज्यों में देश की करीब 71 फीसदी आबादी रहती है। ये वह दौर था, जब भाजपा शासन आबादी के लिहाज से पीक पर था। वहीं, चार राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी। इन राज्यों की सात फीसदी आबादी रहती है।
इन राज्यों में देश की 19 फीसदी आबादी रहती है। यानी, जब मोदी सत्ता में आए उस वक्त करीब 26 फीसदी आबादी पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकारें चल रही थीं। वहीं, उस समय 14 राज्यों में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकार थी। इन राज्यों में देश की 27 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है।
2018 में पीक पर पहुंची भाजपा
2014 में सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकार थी। चार साल बाद मार्च 2018 में 21 राज्यों में भाजपा और उसके साथी दलों की सरकारें बन गईं। इन राज्यों में देश की करीब 71 फीसदी आबादी रहती है। ये वह दौर था, जब भाजपा शासन आबादी के लिहाज से पीक पर था। वहीं, चार राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी। इन राज्यों की सात फीसदी आबादी रहती है।
अब आगे क्या होगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
अभी 18 राज्यों में भाजपा सत्ता में है। इस साल अंत तक गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने हैं। अभी दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। राजनीतिक विश्लेषक प्रमोद सिंह कहते हैं कि गुजरात में भाजपा काफी मजबूत है। ऐसे में कम ही उम्मीद है कि यहां सत्ता परिवर्तन हो सके। वहीं, हिमाचल में लड़ाई थोड़ी कठिन होने वाली है। इसका अंदाजा 2020 में हुए उपचुनाव से लगाया जा सकता है, जब हिमाचल की एक लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल कर ली थी। हालांकि, इसके बाद भाजपा ने यहां काफी जोर दिया।
2023 में होंगे नौ राज्यों में चुनाव
अगले साल यानी 2023 में नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान और तेलंगाना शामिल हैं। अभी कर्नाटक, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इसके अलावा मेघालय, नगालैंड में भाजपा गठबंधन के साथ सरकार में है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस जबकि तेलंगाना में टीआरएस की सरकार है।
2024 में लोकसभा और सात राज्यों के विधानसभा चुनाव भी होंगे। इनमें सिक्किम, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड शामिल हैं। अभी हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम में भाजपा की सरकार है। ओडिशा में बीजद, आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी, महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की गठबंधन वाली सरकार है। इन राज्यों में भाजपा के सामने बड़ी चुनौती यह है कि जहां वह सरकार में है, उसे कायम रखना और जहां वह विपक्ष में है, वहां जीत हासिल करना।
2023 में होंगे नौ राज्यों में चुनाव
अगले साल यानी 2023 में नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान और तेलंगाना शामिल हैं। अभी कर्नाटक, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इसके अलावा मेघालय, नगालैंड में भाजपा गठबंधन के साथ सरकार में है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस जबकि तेलंगाना में टीआरएस की सरकार है।
2024 में लोकसभा और सात राज्यों के विधानसभा चुनाव भी होंगे। इनमें सिक्किम, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड शामिल हैं। अभी हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम में भाजपा की सरकार है। ओडिशा में बीजद, आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी, महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की गठबंधन वाली सरकार है। इन राज्यों में भाजपा के सामने बड़ी चुनौती यह है कि जहां वह सरकार में है, उसे कायम रखना और जहां वह विपक्ष में है, वहां जीत हासिल करना।