मोदी सरकार ने SC में कहा- 118 करोड़ से ज्यादा लोगों ने बनवाया आधार, रोक लगी तो होगा नुकसान
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि आधार से लिंक करने संबंधी अधिसूचनाओं पर रोक लगाने से अपूरणीय क्षति होगी। सरकार ने हलफनामे में कहा है कि आधार की वैधता के खिलाफ किसी तरह का आदेश पारित करने से कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे लाखों लोगों का हित खतरे में पड़ जाएगा।
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सरकार ने बताया कि अब तक 118.64 करोड़ लोग आधार बनवा चुके हैं। केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत को यह बताया कि देश में आधार का तेजी से फैलाव हुआ है और देशवासियों ने तहेदिल से ताउम्र पहचान वाले इस कार्ड को स्वीकार किया है।
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सरकार ने हलफनामे के जरिये यह बताने का प्रयास किया है कि वर्ष 2012 से आधार का मामला लंबित है लेकिन इस दौरान आधार योजना का दायरा काफी बड़ा हो चुका है। अब तक 121 करोड़ लोग अपनी पहचान के लिए आधार को प्रमाणित करा चुके हैं और सरकारी फायदों और सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।
आधार से बैंक में खुले 12.64 करोड़ लोगों के खाते
हलफनामे में सरकार ने बताया है कि आधार का इस्तेमाल कर 12.64 करोड़ लोग बैंक में खाते खुलवा चुके हैं जबकि 54.25 करोड़ बैंक खाते आधार से जोड़े जा चुके हैं। 30 करोड़ जनधन खातों में से 18.97 खातों में आधार का इस्तेमाल किया गया है।
10.93 सक्रिय नरेगा मजदूरों में से 9.54 करोड़ मजदूर आधार से जुड़ चुके हैं। इन लोगों की मजदूरी सीधे उनके खातों में पहुंच रही है। इतना ही नहीं 2.83 पेंशनभोगियों में से 1.48 करोड़ आधार से जुड़ गए हैं। सरकार ने बताया है कि 1.36 करोड़ लोग आधार के जरिये पासपोर्ट हासिल कर चुके हैं।
आधार के जरिये करीब 50 करोड़ लोग मोबाइल सिम प्राप्त कर चुके हैं। सरकार ने कहा है आधार का दायरा इतना व्यापक हो गया है कि मतदाता पहचान पत्र 60 करोड़ लोगों के पास ही हैं जबकि 118 करोड़ लोगों के पास आधार है।
सरकार ने कहा कि विभिन्न लाभकारी योजनाओं को आधार से लिंक करने से संबंधित अधिसूचनाओं पर रोक लगाई जाती है कि तो अपूरणीय क्षति होगी। इससे उन करोड़ों लोगों को नुकसान होगा जो विभिन्न योजनाओं और सब्सिडी पर ही आश्रित हैं।