{"_id":"592f59e74f1c1bea53bdd1cf","slug":"modi-government-in-trouble-with-ban-on-sale-of-cattle","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोवंश की बिक्री पर बैन से मुश्किल में मोदी सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
गोवंश की बिक्री पर बैन से मुश्किल में मोदी सरकार
राजीव सिन्हा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 01 Jun 2017 05:33 AM IST
विज्ञापन
गाय तस्करी
- फोटो : Reuters
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मारने के लिए पशु बाजारों में गोवंश की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के नए नियम को लेकर मोदी सरकार कठिन दौर से गुजर रही है। यह देखना होगा कि आने वाले समय में नया नियम टिक पाएगा या नहीं?
जहां मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को सरकार की अधिसूचना पर एक महीने के लिए अंतरिम रोक लगा दी वहीं अगले ही दिन केरल हाईकोर्ट ने कहा कि इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है।
23 मई को जारी केंद्र सरकार की अधिसूचना में मारने के लिए बाजार से गोवंश की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि अधिसूचना में साफ किया गया कि कृषि के उद्देश्य से खरीद-फरोख्त जारी रहेगी। इसके अलावा अधिसूचना में यह भी कहा गया कि वध के लिए गोवंश को सीधे किसानों से खरीदा जा सकता है।
विज्ञापन
शायद यही वजह है कि केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को पाया कि गोवंश को मारने पर पाबंदी नहीं है। हाईकोर्ट ने पाया कि केंद्र सरकार के नए नियम के तहत मारने के लिए बाजार से गोवंश की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी है।
वहीं मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट ने दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सरकार की नई अधिसूचना पर चार हफ्ते के लिए रोक लगा दी थी। इन याचिकाओं में कहा गया था कि सरकार का नया नियम न केवल संघीय ढांचे के विपरीत है बल्कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 केभी विपरीत है। सरकार के इस नियम का केरल, पश्चिम बंगाल, पुड्डुचेरी आदि राज्यों में पुरजोर विरोध हो रहा है। इसे लेकर कई हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई है।
सरकार ने नया कानून सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनाया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को मवेशियों की तस्करी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों मवेशियों की तस्करी को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाने में देरी पर सरकार को फटकार भी लगाई थी।
विज्ञापन
जहां मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को सरकार की अधिसूचना पर एक महीने के लिए अंतरिम रोक लगा दी वहीं अगले ही दिन केरल हाईकोर्ट ने कहा कि इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है।
विज्ञापन
23 मई को जारी केंद्र सरकार की अधिसूचना में मारने के लिए बाजार से गोवंश की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि अधिसूचना में साफ किया गया कि कृषि के उद्देश्य से खरीद-फरोख्त जारी रहेगी। इसके अलावा अधिसूचना में यह भी कहा गया कि वध के लिए गोवंश को सीधे किसानों से खरीदा जा सकता है।
विज्ञापन
शायद यही वजह है कि केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को पाया कि गोवंश को मारने पर पाबंदी नहीं है। हाईकोर्ट ने पाया कि केंद्र सरकार के नए नियम के तहत मारने के लिए बाजार से गोवंश की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी है।
वहीं मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट ने दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सरकार की नई अधिसूचना पर चार हफ्ते के लिए रोक लगा दी थी। इन याचिकाओं में कहा गया था कि सरकार का नया नियम न केवल संघीय ढांचे के विपरीत है बल्कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 केभी विपरीत है। सरकार के इस नियम का केरल, पश्चिम बंगाल, पुड्डुचेरी आदि राज्यों में पुरजोर विरोध हो रहा है। इसे लेकर कई हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई है।
सरकार ने नया कानून सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनाया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को मवेशियों की तस्करी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों मवेशियों की तस्करी को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाने में देरी पर सरकार को फटकार भी लगाई थी।