अब सरकार बोली, कोहिनूर वापस लाने का करेंगे पूरा प्रयास
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ब्रिटेन से कोहिनूर वापस लाने पर जारी चर्चाओं को विराम देते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह ब्रिटिश ताज में लगे भारतीय कोहिनूर को वापस लाने के सभी प्रयास कर रही है। कोहिनूर पर सरकार दावा नहीं कर सकती इस आशय की खबरों को तथ्यों से परे करार देते हुए सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि वास्तविक स्थिति यह है कि मामला न्यायालय के विचाराधीन है। सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका लंबित है।
सरकार ने सफाई पेश करते हुए कहा है कि सॅलिसिटर जनरल को मामले में सरकार का पक्ष रखने को कहा गया था लेकिन उन्होंने सरकार का पक्ष अब तक न्यायालय को नहीं बताया है। न्यायालय के समक्ष केवल उन्होंने कोहिनूर का मौखिक इतिहास रखा है।
जोकि भारतीय पुरातत्व विभाग के संदर्भों पर आधारित है। न्यायालय ने सरकार का पक्ष रखने के लिए सॅलिसिटर जनरल को छह सप्ताह का समय दिया है। कोहिनूर के प्रति सरकार का सम्मान प्रकट करते हुए सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि हमें पूरा विश्वास है कि सरकार कोहिनूर को वापस लाने में सफल रहेगी।
जोकि हमारे देश की जड़ों से जुड़ा हुआ है। हालांकि कोहिनूर पर सरकार की सफाई के पिछे संघ के दबाव को भी एक बड़ी वजह बताया जा रहा है।
कोहिनूर पर सरकार ने दी सफाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सॅलिसिटर जनरल ने मामले में कोहिनूर को लेकर जो प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है वह पूर्व की सरकारों के जरिये उठाए गए कदम के आधार पर है। सरकार का कहना है कि पिछली सरकारों ने कहा है कि कोहिनूर चोरी किया हुआ नहीं है बल्कि ब्रिटिश शासन को बतौर गिफ्ट में दिया गया है।
सरकार ने वर्ष 1956 में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के वक्तव्य का हवाला दिया है। तब नेहरू ने कहा था कि कोहिनूर को वापस लाने के प्रयास से मुश्किलें बढ़ेंगी। वह बतौर उपहार में दिया गया है उसे चोरी का नहीं बताना चाहिए।
कोहिनूर वापसी पर सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हुए सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि भारतीय इतिहास को वापस लाने में पीएम मोदी ने अथक प्रयास किए हैं। उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि जर्मन चांसलर ने अक्टूबर 2015 में 1990 की चोरी हुई दुर्गा की मूर्ती भारत को वापस लौटाई है। जोकि दसवी शताब्दी की है। तो अप्रैल 2015 में कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने भी भारतीय संस्कृति से जुड़ी एक शिला वापस लौटाई है।
जोकि 900 साल पुरानी है। वहीं वर्ष 2014 में भारत यात्रा पर आए आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने भी हिंदू धर्म से जुडी अनमोल मूर्ति लौटाई थी।