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मोदी मंत्रिमंडल विस्तार: 4P फॉर्मूले के तहत नए चेहरों को मिली जगह
संजय मिश्र/ नई दिल्ली
Updated Sun, 03 Sep 2017 03:49 AM IST
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रविवार सुबह होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में पीएम मोदी ने 9 नए चेहरों को मंत्री बनाकर सरकार में शामिल करने का निर्णय लिया है। नए चेहरों के चयन में पीएम मोदी ने क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ प्रशासनिक अनुभव को तरजीह दी है। पहली दफे मंत्री बनने जा रहे 9 चेहरों में 4 चेहरे प्रशासनिक कार्यों से जुडे रहे हैं। तो शेष 5 चेहरों को क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए मंत्री बनाया जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि पहली दफे मंत्री बनाए जा रहे सत्यपाल सिंह, आरके सिंह और विरेंद्र कुमार को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। चेहरा चुनते समय पीएम मोदी ने 4पी को आधार बनाया गया है। यानि की विकास के लिए व्यक्ति का पैशन, उसकी क्षमता, राजनीतिक सुझबुझ और उसके प्रोफेशनल अंदाज को पैमाना बनाया गया है।
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अक्षमता के आरोपों को दूर करने की कवायद
पीएम मोदी ने सरकार पर लग रहे अक्षमता के आरोपों को दूर करने की कवायद में नए चेहरों में प्रशासनिक अनुभव वाले चेहरों को तरजीह दी है। सत्यपाल सिंह पुलिस अधिकारी रहे हैं। विदेश सेवा अघिकारी के रूप में हरदीप पूरी को विदेश विभाग का गहरा अनुभव है। पूरी को विदेश विभाग से जोड़ा जा सकता है। तो आरके सिंह को प्रशासन का गहरा अनुभव है। वे भारत सरकार के गृह सचिव के पद पर भी रह चूके हैं। अलफोंस भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं।
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पढ़ें- मोदी कैबिनेट में कल ये 9 नए मंत्री लेंगे शपथ, नीतीश की पार्टी जेडीयू को नहीं मिली जगह
मोदी सरकार के पहले ईसाई मंत्री बनेंगे अलफोंस
केरल से सरकार में शामिल होने वाले अलफोंस मोदी सरकार में पहले और एकमात्र ईसाई मंत्री हैं। इनको सरकार में शामिल कर भाजपा ने केरल की दिशा तय कर दी है। यहां संघ का अभियान बेशक ईसाई मिशनरी के खिलाफ रहता है। लेकिन केरल के वर्तमान हालातों को देखते हुए अब ईसाई समुदाय भाजपा की ओर अग्रसर हो रहा है। इसलिए पीएम मोदी ने अलफोंस को सरकार में शामिल करने का निर्णय कर वाम बिग्रेड के खिलाफ भ्रगवा परिवार की जारी जंग को देश के सामने रखने का मौका प्रदान किया है।
हरदीप पूरी बनेंगे भाजपा का सिख चेहरा
सरकार में शामिल होने वाले दूसरे सरदार हरदीप पूरी को पार्टी अब सिख चेहरे के रूप में आगे करेगी। हरदीप पूरी दिल्ली से जुडे हुए हैं। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में अरूण जेटली ने उनके नाम का प्रस्ताव नई दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाने के लिए रखा था। मगर उनकी जगह तब विजय गोयल बाजी मार गए थे। पूरी अभी संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं है। इसलिए सरकार को उन्हें किसी राज्य से राज्यसभा में लाना पड़ेगा। केंद्र में मंत्री बनने के बाद पूरी का दबदबा दिल्ली की राजनीति में भी बढ़ने के आसार हैं। उनके अलावा मोदी मंत्रिमंडल में सिख नेता के रूप में सरदार एसएस अहलूवालिया मंत्री हैं।
बिहार का सोशल समीकरण साधने को आए चौबे और आरके सिंह
बिहार की सोशल समीकरण को ध्यान में रखते हुए अश्विनी चौबे को सरकार में शामिल किया गया है। वे ब्राहण चेहरे के रूप में माने जाते हैं। लेकिन उनके लिए पैरवी संघ के शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी जबरदस्त हुई है। तो आरके सिंह राजपूत चेहरे के रूप में राजीव प्रताप रूढी के खामियाजे की भरपाई करेंगे।
पढ़ें- प्रोफाइलः मंत्रीपद की शपथ लेंगे दो IAS समेत ये 9 नए चेहरे
सत्यपाल को शुक्ला के जरिए साधा यूपी का गणित
शिव प्रताप शुक्ला और सत्यपाल सिंह के जरिए भाजपा ने यूपी का गणित साधने का प्रयास किया है। संजीव बालियान की जगह जाट नेता के रूप में भरपाई के लिए सत्यपाल सिंह को आगे किया गया है। उनका प्रशासनिक अनुभव भी उनके पक्ष में गया है। वैसे दिन में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली से सांसद प्रवेश वर्मा को बुलाकर उनसे मुलाकात की थी। जिससे उम्मीद बंधी की वे सरकार में शामिल होंगे। लेकिन शनिवार सायं को 7:30 बजे नितिन गडकरी ने पीएम मोदी से मुलाकात की उसके बाद सत्यपाल को पीएमओ बुलाया गया।
विरेंद्र को मिला आक्रमकता का तोहफा
मध्यप्रदेश के टिकमगढ़ से सांसद विरेंद्र सिंह अनुसूचित जाति से ताल्लूक रखते हैं। वे संसद में अक्सर अक्रामक नजर आते थे। तो उनकी भाषण शैली भी बेहतरीन है। बताया जा रहा है कि बेहतरीन भाषण शैली और आक्रामकता के रूप में उन्हें मंत्री बनाया गया है। हालांकि यहां से प्रहलाद पटेल को भी उम्मीदें थी। वे परिवार लेकर दिल्ली पहुंचे थे कि मंत्रीपद के लिए उन्हें सरकार से बुलावा आएगा। मगर विरेंद्र सिंह उनपर भारी पड़े हैं। राजस्थान से गजेंद्र शेखावत को सरकार में शामिल किया जा रहा है। वे भी साफ सूथरी छवि के साथ अच्छे वक्ता हैं। कर्नाटक से अनंत हेगडे को शामिल कर चुनावी गणित बैठाने की कोशिश है। वे भाजपा के गढ़ माने जाने वाले उत्तर कर्नाटक से आते हैं।
बिहार का सोशल समीकरण साधने को आए चौबे और आरके सिंह
बिहार की सोशल समीकरण को ध्यान में रखते हुए अश्विनी चौबे को सरकार में शामिल किया गया है। वे ब्राहण चेहरे के रूप में माने जाते हैं। लेकिन उनके लिए पैरवी संघ के शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी जबरदस्त हुई है। तो आरके सिंह राजपूत चेहरे के रूप में राजीव प्रताप रूढी के खामियाजे की भरपाई करेंगे।
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सत्यपाल को शुक्ला के जरिए साधा यूपी का गणित
शिव प्रताप शुक्ला और सत्यपाल सिंह के जरिए भाजपा ने यूपी का गणित साधने का प्रयास किया है। संजीव बालियान की जगह जाट नेता के रूप में भरपाई के लिए सत्यपाल सिंह को आगे किया गया है। उनका प्रशासनिक अनुभव भी उनके पक्ष में गया है। वैसे दिन में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली से सांसद प्रवेश वर्मा को बुलाकर उनसे मुलाकात की थी। जिससे उम्मीद बंधी की वे सरकार में शामिल होंगे। लेकिन शनिवार सायं को 7:30 बजे नितिन गडकरी ने पीएम मोदी से मुलाकात की उसके बाद सत्यपाल को पीएमओ बुलाया गया।
विरेंद्र को मिला आक्रमकता का तोहफा
मध्यप्रदेश के टिकमगढ़ से सांसद विरेंद्र सिंह अनुसूचित जाति से ताल्लूक रखते हैं। वे संसद में अक्सर अक्रामक नजर आते थे। तो उनकी भाषण शैली भी बेहतरीन है। बताया जा रहा है कि बेहतरीन भाषण शैली और आक्रामकता के रूप में उन्हें मंत्री बनाया गया है। हालांकि यहां से प्रहलाद पटेल को भी उम्मीदें थी। वे परिवार लेकर दिल्ली पहुंचे थे कि मंत्रीपद के लिए उन्हें सरकार से बुलावा आएगा। मगर विरेंद्र सिंह उनपर भारी पड़े हैं। राजस्थान से गजेंद्र शेखावत को सरकार में शामिल किया जा रहा है। वे भी साफ सूथरी छवि के साथ अच्छे वक्ता हैं। कर्नाटक से अनंत हेगडे को शामिल कर चुनावी गणित बैठाने की कोशिश है। वे भाजपा के गढ़ माने जाने वाले उत्तर कर्नाटक से आते हैं।