{"_id":"61db6d46153aac3a59008f4e","slug":"modern-technology-after-independence-first-time-central-government-surveyed-17-78-lakh-acres-of-defence-land","type":"story","status":"publish","title_hn":"अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल: आजादी के बाद केंद्र सरकार ने पहली बार 17.78 लाख एकड़ रक्षा भूमि का किया सर्वे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल: आजादी के बाद केंद्र सरकार ने पहली बार 17.78 लाख एकड़ रक्षा भूमि का किया सर्वे
Mon, 10 Jan 2022 04:48 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 10 Jan 2022 04:48 AM IST
सार
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि छावनियों के अंदर लगभग 1.61 लाख एकड़ और छावनियों के बाहर 16.17 लाख एकड़ रक्षा भूमि का सर्वेक्षण करने का व्यापक अभियान अक्तूबर 2018 में शुरू हुआ था, जो अब पूरा हो गया है।
विज्ञापन
रक्षा मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आजादी के बाद पहली बार सरकार ने बड़े पैमाने पर थ्रीडी मॉडलिंग, ड्रोन, उपग्रह की तस्वीरों जैसी नवीनतम तकनीकों का उपयोग करते हुए रक्षा मंत्रालय की 17.78 लाख एकड़ भूमि का सर्वेक्षण किया।
विज्ञापन
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि छावनियों के अंदर लगभग 1.61 लाख एकड़ और छावनियों के बाहर 16.17 लाख एकड़ रक्षा भूमि का सर्वेक्षण करने का व्यापक अभियान अक्तूबर 2018 में शुरू हुआ था, जो अब पूरा हो गया है। मंत्रालय ने कहा, यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है क्योंकि आजादी के बाद पहली बार नवीनतम सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग करके समूची रक्षा भूमि का सर्वेक्षण किया गया है।
विज्ञापन
मंत्रालय ने कहा कि देशभर में लगभग 4,900 क्षेत्र में फैली जमीन, कई स्थानों पर दुर्गम इलाके, भूमि का बड़ा आकार और विभिन्न हितधारकों का एक साथ मिलकर काम करना इस सर्वेक्षण को देश के ‘सबसे बड़े’ भूमि सर्वेक्षणों में से एक बनाता है।
विज्ञापन
मंत्रालय के मुताबिक आधुनिक सर्वेक्षण तकनीकों जैसे इलेक्ट्रॉनिक टोटल स्टेशन, डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम के साथ-साथ ड्रोन और उपग्रह तस्वीरों का उपयोग ‘विश्वसनीय, मजबूत और समयबद्ध’ परिणामों को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। सर्वेक्षण प्रक्रिया को ‘तेज, विश्वसनीय, मजबूत’ बनाने और समयबद्ध परिणामों के लिए ड्रोन चित्रण इमेजरी और उपग्रह चित्रण आधारित सर्वेक्षण का लाभ उठाया गया।