{"_id":"602d5a658ebc3ee8f61a3f67","slug":"mobilization-order-on-shivaji-jayanti-2021-targeting-uddhav-thackeray","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबईः शिवाजी जयंती पर जमावबंदी आदेश से निशाने पर उद्धव ठाकरे, अनुयायियों ने भी सरकार को घेरा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मुंबईः शिवाजी जयंती पर जमावबंदी आदेश से निशाने पर उद्धव ठाकरे, अनुयायियों ने भी सरकार को घेरा
Wed, 17 Feb 2021 11:33 PM IST
संजीव कुमार झा
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 17 Feb 2021 11:33 PM IST
विज्ञापन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर महाराष्ट्र सकार ने जमावबंदी आदेश लागू कर दिया है। इससे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शिवाजी महाराज के अनुयायियों के निशाने पर आ गए हैं। मराठा क्रांति मोर्चा ने शिवसेना भवन के सामने पोस्टर लगाकर पूछा है कि दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की जयंती पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया। वहीं, विपक्षी दल भाजपा ने भी सत्ताधारी शिवसेना को मुगलों की सोच करार देते हुए व्यंग्यबाण छोड़ा है।
विज्ञापन
आगामी 19 फरवरी को शिवाजी महाराज की जयंती है। राज्य सरकार ने पहले शिवाजी जयंती में सिर्फ 10 लोगों के शामिल होने के नियम जारी किए थे लेकिन विरोध को देखते हुए 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति मिली है। लेकिन शिवाजी महाराज के जन्मस्था शिवसेना किले में शिवजयंती के दिन धारा 144 लागू की गई है। सरकार के इस आदेश की आलोचना करते हुए भाजपा ने कहा है कि शिवसेना जिस शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीति करती है उसी की जयंती पर धारा 144 लगाकर अपना असली चेहरा दिखा दिया है।
विज्ञापन
इससे साफ है कि शिवसेना केवल राजनीति के लिए शिवाजी महाराज के नाम का इस्तेमाल करती है। महाराष्ट्र भाजपा ने ट्वीट किया कि शिवसेना कांग्रेस के साथ सत्ता में शामिल होकर न केवल उसकी विचारधारा को आत्मसात कर लिया है बल्कि शिवसेना के अंदर कांग्रेस के गुण भी आ गए हैं।
विज्ञापन
पूर्व वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि मंत्री मोर्चा निकालते हैं। मंत्रियों की सभा होती है। हजारो लोग इकट्ठा होते हैं। लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के दिन उनका जयघोष नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज की जयंती के दिन ही कोरोना का डर दिखाया जा रहा है बाकी सब कार्यक्रम चल रहे हैं। यह छत्रपति शिवाजी महाराज का राज है। अगर इस तरह की पाबंदी नहीं हटाई तो छत्रपति शिवाजी महाराज के अनुयायी शिवसेना को जरूर सबक सिखाएंगे।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा सांसद नारायण राणे ने कहा कि शिवसेना नेता व वनमंत्री संजय राठौड़ के समर्थन में मोर्चा निकालने की अनुमति मिल सकती है। आदित्य ठाकरे के समर्थन में भी मोर्चा निकल सकता है लेकिन शिवाजी महाराज की जयंती पर प्रतिबंध लगाया जाता है। इससे साबित होता है कि शिवसेना को शिवाजी महाराज की जयंती का कोई अभिमान नहीं है।
हर साल शिवनेरी किले पर इकट्ठा होते हैं शिवाजी महाराज के अनुयायी
छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर हर साल शिवनेरी किले पर उनके अनुयायी बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं। इस दिन प्रदेश से लोग शिव ज्योति लेकर शिवनेरी किले में पहुंचते हैं और शिवाजी महाराज का जयघोष करते हैं। वहीं, प्रदेश भर में शिवाजी महाराज की झांकी निकालने के साथ ही अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। लेकिन इस बार धारा 144 लागू होने के कारण शिवाजी जयंती हर्सोल्लास के साथ नहीं मनाई जा सकेगी।