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मोबाइल एप के जरिये तलाशे जाएंगे सिर पर मैला ढोने वाले
Fri, 25 Dec 2020 02:53 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 25 Dec 2020 02:53 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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देश में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान के तहत शौचालयों के निर्माण के बावजूद सिर पर मैला ढोने के लिए मजबूर सफाईकर्मियों को तलाशकर उन्हें जियोटैग किया जाएगा।
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इसके लिए केंद्र सरकार ने एक मोबाइल एप तैयार कराई है। केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने बृहस्पतिवार को ‘स्वच्छता अभियान’ मोबाइल एप का शुभारंभ किया। इस एप के जरिये गंदे और बदहाल पड़े शौचालयों की पहचान और जियाटैग कराने का काम भी किया जाएगा।
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केंद्रीय मंत्री ने सभी नागरिकों से इस मोबाइल एप को डाउनलोड करने की अपील की। साथ ही कहा कि हर नागरिक इस एप के जरिये अपने संज्ञान में आने वाले अस्वच्छ शौचालय और सिर पर मैला ढोने वाले का ब्योरा अधिकारियों को उपलब्ध करा सकता है। इससे सभी सिर पर मैला ढोने वालों के पुनर्वास और गंदे शौचालयों की जगह साफ शौचालय बनवाने में मदद मिलेगी।
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उन्होंने कहा, जनगणना 2011 की रिपोर्ट के मुताबिक देश में 26 लाख से ज्यादा गंदे शौचालय थे। गंदे शौचालयों की मौजूदगी ही सिर पर मैला ढोने की प्रथा का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा, स्वच्छ भारत अभियान के तहत नौ करोड़ से ज्यादा स्वच्छ शौचालय निर्मित हो चुके हैं।
2013-14 से अब तक 194 जिलों में राज्यों के सर्वे और नेशनल सर्वे में सिर पर मैला ढोने वाले 66 हजार सफाईकर्मी चिह्नित हो चुके हैं। इनमें से 57 हजार को बैंक खाते का ब्योरा उपलब्ध कराने पर 40 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता भी दी जा चुकी है।
साथ ही उन्हें व उनके परिजनों को स्किल ट्रेनिंग के साथ तीन हजार रुपये महीने का भत्ता भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा उन्हें अपना काम शुरू करने के लिए कर्ज पर 3.25 लाख रुपये तक की सब्सिडी भी दी जा रही है।