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Myanmar: मिजोरम-म्यांमार सीमा पर आवाजाही नियंत्रित करने की तैयारी, बॉर्डर पास समेत अहम दिशा-निर्देश जारी

Sun, 05 Jan 2025 11:56 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 05 Jan 2025 11:56 AM IST
सार

एक अधिकारी ने बताया कि म्यांमार और भारत के नागरिकों को एक दूसरे के देश जाने के लिए सात दिनों का वैध बॉर्डर पास जारी किया जाएगा। हालांकि इस पास को पाने के लिए आवेदनकर्ता को यह सत्यापित करना होगा कि वे सीमा के दोनों तरफ 10 किलोमीटर के दायरे में ही रहते हैं। 

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Mizoram-Myanmar border Movement of people regulated Centre directive pass
मिजोरम-म्यांमार बॉर्डर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मणिपुर में जारी हिंसा के बीच केंद्र सरकार ने मिजोरम-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मिजोरम की म्यांमार से 510 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है और यहां लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों के तहत बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा के दोनों ओर 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों की आवाजाही की छूट दी गई है, लेकिन इनकी आवाजाही को नियंत्रित करने और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए बॉर्डर पास अनिवार्य कर दिया गया है। 
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सीमा पार करने के लिए जरूरी होगा बॉर्डर पास
एक अधिकारी ने बताया कि म्यांमार और भारत के नागरिकों को एक दूसरे के देश जाने के लिए सात दिनों का वैध बॉर्डर पास जारी किया जाएगा। हालांकि इस पास को पाने के लिए आवेदनकर्ता को यह सत्यापित करना होगा कि वे सीमा के दोनों तरफ 10 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। 31 दिसंबर से नए दिशा-निर्देश जारी हो गए हैं। मिजोरम के छह जिले- चम्फाई, सियाहा, लॉन्ग्टलाई, हनाहथियाल, सैतुअल और सेरछिप की 510 किलोमीटर लंबी सीमा म्यांमार के चिन स्टेट से लगती है। शुक्रवार को चम्फाई जिले की पुलिस ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि भारत और म्यांमार के लोग जो एक दूसरे देशों की यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें अब बॉर्डर पास की जरूरत होगी और यह बॉर्डर पास सात दिनों के लिए वैध होगा। 
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बॉर्डर पास की जरूरत क्यों पड़ी?
भारत को पूर्वोत्तर राज्यों मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश की सीमाएं सटी हुई हैं। ये सीमा करीब 1600 किलोमीटर लंबी है। सीमाओं के दोनों तरफ विभिन्न जनजातियों के लोग रहते हैं और अलग-अलग देश से होने के बीच इनके बीच करीबी रिश्ते हैं। इस वजह से अक्सर मिलने-जुलने और व्यापार के लिए दोनों देशों के लोग एक दूसरे देश आते-जाते रहते हैं। ऐसी स्थिति में इन लोगों को वीजा के चलते परेशानी न हो, दोनों ही देशों की सरकारों ने मुक्त आवाजाही की सुविधा दी हुई है। इस मुक्त आवाजाही के तहत दोनों तरफ 16 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग आसानी से एक दूसरे देश आ-जा सकते हैं, लेकिन अब ये सीमा घटाकर 10 किलोमीटर कर दी गई है। हालांकि इसकी आड़ में अवैध घुसपैठ और तस्करी को भी बढ़ावा मिल रहा था, जिसके चलते सरकार ने बॉर्डर पास की व्यवस्था की है।
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जानिए क्या दिशा-निर्देश जारी हुए
1. भारत के मिजोरम राज्य के लोगों और म्यांमार के लोगों के बीच आवाजाही जोखावथर और हनाहलान क्रॉसिंग पॉइंट के जरिए होती है। अब इन पॉइंट से गुजरने वाले लोगों को बॉर्डर पास की जरूरत होगी। बॉर्डर पास पाने के लिए भी लोगों को एक दस्तावेज या प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसमें यह सत्यापित किया गया होगा कि आवेदक सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में रहता है। गौरतलब है कि 24 दिसंबर को गृह मंत्रालय ने एक नया प्रोटोकॉल जारी किया था, जिसमें फ्री मूवमेंट रिजीम (एफएमआर) के तहत लोगों की आवाजाही की सीमा को पहले के 16 किलोमीटर से घटाकर 10 किलोमीटर तक सीमित कर दिया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले साल फरवरी में घोषणा की थी कि एफएमआर को खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

2. पहचान पत्र या दस्तावेज स्थानीय पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी या गांव के मुखिया या गांव के अधिकारी (प्रशासक) या भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त व्यक्ति द्वारा जारी किया जा सकता है। यह प्रमाण पत्र एक साल के लिए वैध होगा, जबकि बॉर्डर पास सिर्फ सात दिनों के लिए वैध होगा।  

3. बॉर्डर पास को धारक उसी क्रॉसिंग पॉइंट पर वापस जमा करेंगे, जहां से इसे जारी किया गया था। 

4. क्रॉसिंग पॉइंट सोमवार से शनिवार तक सुबह 6 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक खुले रहेंगे।

5. बॉर्डर पास केवल एक वयस्क को जारी किया जाएगा और नाबालिगों को माता-पिता के साथ जाने की छूट होगी।

6. दिशा-निर्देशों के अनुसार, माता-पिता में से किसी एक के बॉर्डर पास में अधिकतम तीन बच्चों का ले जाया जा सकता है, जबकि तीन से अधिक बच्चों के लिए माता-पिता को अतिरिक्त बॉर्डर पास जारी किया जाएगा।

7. भारत से म्यांमार और म्यांमार से भारत की सीमा पार करने वाले किसी भी व्यक्ति को भारत-म्यांमार सीमा की सुरक्षा करने वाली असम राइफल्स द्वारा बॉर्डर पास जारी किया जाएगा।  आवेदकों को तय सीमा क्रॉसिंग पॉइंट पर रिपोर्ट करना होगा और एक फॉर्म भरना होगा।

8. असम राइफल्स इन दस्तावेजों का निरीक्षण करेगी, जिसके बाद राज्य पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा आवेदकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच की जाएगी।


9. असम राइफल्स 'भारत-म्यांमार सीमा पोर्टल' पर सभी फॉर्म अपलोड करेगी। आवेदकों के बायोमेट्रिक्स रिकॉर्ड दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद आवेदक की तस्वीर और क्यूआर कोड के साथ एक बॉर्डर पास जारी होगा।
दिशा-निर्देशों और शर्तों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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