{"_id":"66572958cad5346fd302762f","slug":"mizoram-landslides-death-toll-in-mizoram-landslide-rises-to-29-seven-still-missing-2024-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mizoram landslides: मिजोरम में भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हुई, सात अब भी लापता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Mizoram landslides: मिजोरम में भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हुई, सात अब भी लापता
Wed, 29 May 2024 06:40 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा झा
Updated Wed, 29 May 2024 06:40 PM IST
सार
मिजोरम के आइजोल जिले में विभिन्न स्थानों से चार अन्य शव बरामद होने के बाद कई भूस्खलनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है।
मिजोरम के आइजोल जिले में आए भूस्खलनों के बाद विभिन्न स्थानों से चार अन्य शव बरामद हुए। जिसके बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। अभी भी सात लोग लापता हैं, बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों का मानना है कि मंगलवार को चक्रवात रेमल के बाद भूस्खलन और लगातार बारिश के बाद विभिन्न स्थानों पर मलबे के नीचे कुछ लोग फंसे हुए हैं।
विज्ञापन
बारिश के बाद भूस्खलन प्रतीकात्मक
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
मिजोरम के आइजोल जिले में आए भूस्खलनों के बाद विभिन्न स्थानों से चार अन्य शव बरामद हुए। जिसके बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। अभी भी सात लोग लापता हैं, बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों का मानना है कि मंगलवार को चक्रवात रेमल के बाद भूस्खलन और लगातार बारिश के बाद विभिन्न स्थानों पर मलबे के नीचे कुछ लोग फंसे हुए हैं।
मिजोरम में भूस्खलन के बाद 28 मई की रात 25 शव बरामद किए गए थे। इनमें से 14 शव पत्थर खदान ढहने की जगह से बरामद किए गए हैं। आइजोल के पुलिस अधीक्षक राहुल अलवाल ने बताया कि मंगलवार देर रात से चार अन्य शव मेथुम में पत्थर खदान ढहने वाली जगह से बरामद हुए। इसके बाद यहां दबकर मरने वालों की संख्या 15 हो गई। वहीं हिलीमेन में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को आइजोल के सलेम वेंग इलाके में तीन शव मिले। वहीं फल्कॉन और ऐबॉक गांवों में दो-दो तथा लुंगसेई और केलसिह गांवों में एक-एक शव मिला। पुलिस अधीक्षक राहुल अलवाल ने बताया कि 29 पीड़ितों में से 23 मिजोरम के निवासी हैं। इनमें से 5 लोग झारखंड के निवासी हैं, एक असम के सिलचर शहर का है।
विज्ञापन
मृतकों में एक चार वर्षीय लड़का और एक छह वर्षीय लड़की शामिल है। आइजोल के उपायुक्त नाजुक कुमार ने कहा कि खोज-बचाव अभियान अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि सभी लापता व्यक्तियों को ढूंढा जा रहा है। बता दें कि आइजोल शहर में रिपब्लिक वेंग, कानन वेंग और कुलिकॉन में कब्रिस्तान भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों ने बताया कि बारिश और भूस्खलन में 150 से अधिक घर नष्ट हो गए हैं। दर्जनों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और मिजोरम में 50 से अधिक आवास इकाइयां भी जलमग्न हो गई हैं।
विभाग मिलकर चला रहे खोज और बचाव अभियान
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि खोज और बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमों को तैनात किया गया है।
यातायात घंटो तक रहा प्रभावित
शहर के पश्चिमी हिस्से में मंगलवार को हुंथर में राष्ट्रीय राजमार्ग-6 पर भूस्खलन के कारण राजधानी आइजोल में यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा। अधिकारियों ने बताया कि शाम को सड़क अवरोध हटाकर यातायात की आवाजाही बहाल की।
आवश्यक कार्यों के अलावा शेष विभाग बंद करने के आदेश
अधिकारियों ने बताया कि आइजोल में बुधवार सुबह से बारिश नहीं हुई। आईएमडी के खराब मौसम की चेतावनी जारी करने के बाद मद्देनजर मिजोरम सरकार ने बुधवार को आपदा प्रबंधन और आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों को छोड़कर सभी कार्यालयों और पीएसयू इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया। वहीं सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त और सचिव के लालथावमाविया ने एक आदेश में निजी क्षेत्र के कार्यालयों को भी 'घर से काम' की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने मृतक परिवारों को देंगे 4 लाख रुपये
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहावमा ने आपदाओं में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आपदा से निपटने के लिए 15 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
विज्ञापन
मिजोरम में भूस्खलन के बाद 28 मई की रात 25 शव बरामद किए गए थे। इनमें से 14 शव पत्थर खदान ढहने की जगह से बरामद किए गए हैं। आइजोल के पुलिस अधीक्षक राहुल अलवाल ने बताया कि मंगलवार देर रात से चार अन्य शव मेथुम में पत्थर खदान ढहने वाली जगह से बरामद हुए। इसके बाद यहां दबकर मरने वालों की संख्या 15 हो गई। वहीं हिलीमेन में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है।
विज्ञापन
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को आइजोल के सलेम वेंग इलाके में तीन शव मिले। वहीं फल्कॉन और ऐबॉक गांवों में दो-दो तथा लुंगसेई और केलसिह गांवों में एक-एक शव मिला। पुलिस अधीक्षक राहुल अलवाल ने बताया कि 29 पीड़ितों में से 23 मिजोरम के निवासी हैं। इनमें से 5 लोग झारखंड के निवासी हैं, एक असम के सिलचर शहर का है।
विज्ञापन
मृतकों में एक चार वर्षीय लड़का और एक छह वर्षीय लड़की शामिल है। आइजोल के उपायुक्त नाजुक कुमार ने कहा कि खोज-बचाव अभियान अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि सभी लापता व्यक्तियों को ढूंढा जा रहा है। बता दें कि आइजोल शहर में रिपब्लिक वेंग, कानन वेंग और कुलिकॉन में कब्रिस्तान भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों ने बताया कि बारिश और भूस्खलन में 150 से अधिक घर नष्ट हो गए हैं। दर्जनों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और मिजोरम में 50 से अधिक आवास इकाइयां भी जलमग्न हो गई हैं।
विभाग मिलकर चला रहे खोज और बचाव अभियान
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि खोज और बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमों को तैनात किया गया है।
यातायात घंटो तक रहा प्रभावित
शहर के पश्चिमी हिस्से में मंगलवार को हुंथर में राष्ट्रीय राजमार्ग-6 पर भूस्खलन के कारण राजधानी आइजोल में यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा। अधिकारियों ने बताया कि शाम को सड़क अवरोध हटाकर यातायात की आवाजाही बहाल की।
आवश्यक कार्यों के अलावा शेष विभाग बंद करने के आदेश
अधिकारियों ने बताया कि आइजोल में बुधवार सुबह से बारिश नहीं हुई। आईएमडी के खराब मौसम की चेतावनी जारी करने के बाद मद्देनजर मिजोरम सरकार ने बुधवार को आपदा प्रबंधन और आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों को छोड़कर सभी कार्यालयों और पीएसयू इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया। वहीं सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त और सचिव के लालथावमाविया ने एक आदेश में निजी क्षेत्र के कार्यालयों को भी 'घर से काम' की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने मृतक परिवारों को देंगे 4 लाख रुपये
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहावमा ने आपदाओं में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आपदा से निपटने के लिए 15 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।