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मिजोरम चुनावः युवा व शिक्षित उम्मीदवारों पर टिकी हैं एनपीपी की उम्मीदें
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 12 Nov 2018 07:15 PM IST
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मिजोरम विधानसभा चुनाव में पहली बार मैदान में उतरी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) को उम्मीद है कि उसके युवा व शिक्षित उम्मीदवार अबकी चुनाव में बदलाव ला सकते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डा. लालरिना जहाऊ ने यहां पत्रकारों से कहा कि एनपीपी के ज्यादातर उम्मीदवार पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन वे सब युवा और शिक्षित हैं और उनके पास एक व्यापक दृष्टिकोण है।
उनका कहना है कि राज्य के लोगों के समक्ष अब तक कांग्रेस या एमएनएफ के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अब यहां बदलाव जरूरी हो गया है। एनपीपी ने राज्य की 40 में से नौ सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। इनमें मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ललथनहवला की शेरछिप सीट भी शामिल है।
लेकिन क्या कद्दावर नेताओं के मुकाबले नए चेहरों को मैदान में उतारने पर खतरा नहीं है? डा. जहाऊ मानते हैं कि इसमें खतरा है। लेकिन वे मिसाल देते हैं कि शेरछिप से कभी कोई स्थानीय व्यक्ति चुनाव नहीं जीता है।
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जहाऊ सवाल करते हैं कि ललथनहवला ने बीते पांच साल में कितनी बार शेरछिप का दौरा किया है? वहां उनकी बहू ही कामकाज देखती है। वे बताते हैं कि एनपीपी ने स्थानीय युवा को टिकट दिया है। उसे उस क्षेत्र और वहां की समस्याओं की जानकारी है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने ज्यादातर सीटों पर स्थानीय लोगों को ही मैदान में उतारा है। वह कहते हैं कि अगर पहली बार मैदान में उतर कर हम तीन-चार सीटें भी जीत जाते हैं तो यह हमारे लिए एक उपलब्धि होगी।
एनपीपी नेता मानते हैं कि अबकी चुनावों से पहले वोटरों के रुझान का पता नहीं लग रहा है। ऐसे में चुनावी नतीजों का पूर्वानुमान लगाना मुश्किल है। जहाऊ कहते हैं कि अबकी त्रिशंकु विधानसभा की संभावना बन रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने चुानव के बाद कांग्रेस के साथ तालमेल की संभावना से इंकार नहीं किया।
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उनका कहना है कि राज्य के लोगों के समक्ष अब तक कांग्रेस या एमएनएफ के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अब यहां बदलाव जरूरी हो गया है। एनपीपी ने राज्य की 40 में से नौ सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। इनमें मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ललथनहवला की शेरछिप सीट भी शामिल है।
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लेकिन क्या कद्दावर नेताओं के मुकाबले नए चेहरों को मैदान में उतारने पर खतरा नहीं है? डा. जहाऊ मानते हैं कि इसमें खतरा है। लेकिन वे मिसाल देते हैं कि शेरछिप से कभी कोई स्थानीय व्यक्ति चुनाव नहीं जीता है।
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जहाऊ सवाल करते हैं कि ललथनहवला ने बीते पांच साल में कितनी बार शेरछिप का दौरा किया है? वहां उनकी बहू ही कामकाज देखती है। वे बताते हैं कि एनपीपी ने स्थानीय युवा को टिकट दिया है। उसे उस क्षेत्र और वहां की समस्याओं की जानकारी है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने ज्यादातर सीटों पर स्थानीय लोगों को ही मैदान में उतारा है। वह कहते हैं कि अगर पहली बार मैदान में उतर कर हम तीन-चार सीटें भी जीत जाते हैं तो यह हमारे लिए एक उपलब्धि होगी।
एनपीपी नेता मानते हैं कि अबकी चुनावों से पहले वोटरों के रुझान का पता नहीं लग रहा है। ऐसे में चुनावी नतीजों का पूर्वानुमान लगाना मुश्किल है। जहाऊ कहते हैं कि अबकी त्रिशंकु विधानसभा की संभावना बन रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने चुानव के बाद कांग्रेस के साथ तालमेल की संभावना से इंकार नहीं किया।