फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mizoram Chief Minister Gets Clean Chit In Abuse Of Power, Corruption Case

मिजोरम: सीएम जोरमथंगा को राहत, अदालत ने सत्ता के दुरुपयोग व अवैध सम्पत्ति के मामलों में किया बरी

Tue, 09 Nov 2021 02:45 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यू डेस्क, अमर उजाला, आइजोल
न्यू डेस्क, अमर उजाला, आइजोल Published by: मुकेश कुमार झा Updated Tue, 09 Nov 2021 02:45 PM IST
सार

राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक अतिरिक्त आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जोरमथंगा के पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति है।

विज्ञापन
Mizoram Chief Minister Gets Clean Chit In Abuse Of Power, Corruption Case
जोरमथंगा - फोटो : ANI

विस्तार

मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथंगा के लिए मंगलवार को राहत भरी खबर आई। भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एक विशेष अदालत ने सत्ता के दुरुपयोग और आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति के मामलों में जोरमथंगा को बरी कर दिया है। न्यायाधीश वनलालेनमाविया ने पहले मामले में सोमवार को कहा कि कृषि विभाग ने जरूरतमंद किसानों के लाभ के लिए कानूनी तरीके से सामग्री जारी की थी।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि लघु सीमांत किसानों को सहायता योजना के तहत बाड़ लगाने के लिए इन सामग्रियों को देने का प्रावधान है। वहीं, दूसरे मामले में अदालत ने कहा कि उसे यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले कि आरोपी के पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति थी और इसलिए उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (दंड) की धारा 13 (दो) (लोकसेवक द्वारा अपराध के लिए सजा) के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
विज्ञापन


पीपुल राइट टू इनफोरमेशन एंड डेवल्पमेंट इम्पलीमेंटिंग सोसाइटी ऑफ मिजोरम(प्रिज्म) और 'मिजोरम उपा पाउल' ने 2009 में जोरमथंगा के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उनके खिलाफ 2007 में शिरफिर के आई पुक इलाके में अपनी कृषि भूमि के लिए कृषि विभाग से लोहे की छड़ें और बकरों से बचाव के लिए तार के बने जाल खरीदने के लिए लोकसेवक के तौर पर अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया था। जोरमथंगा उस समय भी मुख्यमंत्री थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक अतिरिक्त आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जोरमथंगा के पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति है। आरोप पत्र में कहा गया था कि जोरमथंगा ने 2003 में अपने हलफनामे में घोषणा की थी कि उनके पास 54.18 लाख रुपये की संपत्ति है, जो 2008 के चुनावों से पहले आय का कोई ज्ञात स्रोत दर्ज किए बिना 1.38 करोड़ रुपये से अधिक हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed