मिजोरम: घायलों को अस्पताल पहुंचाने में स्थानीय लोगों ने की मदद, नौ ने उपचार के दौरान तोड़ा दम
मिजोरम में जो हादसा हुआ है, वह भैरवी-सैरांग रेलवे प्रोजेक्ट के ब्रिज नंबर 196 पर हुआ। पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों की राजधानियों को रेल लाइन से जोड़ने के क्रम में मिजोरम के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है।
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मिजोरम में कुरुंग नदी पर हादसा उस वक्त हुआ जब श्रमिक निर्माणाधीन रेलवे पुल पर गार्डर रख रहे थे। गार्डर रखने के आखिरी क्षणों में अचानक संतुलन बिगड़ा और गार्डर नीचे गिर पड़ा। श्रमिकों को इस अचानक हादसे की वजह से संभलने का मौका भी नहीं मिला और 26 श्रमिक उसके नीचे दब गए।
सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, राज्य प्रशासन, रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से गार्डर के नीचे दबे श्रमिकों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इनमें 18 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई थी दो गंभीर रूप से घायल श्रमिकों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पांच श्रमिक अभी भी लापता हैं।
पूर्वोत्तर की सभी राजधानियों को जोड़ने का प्रोजेक्ट
मिजोरम में जो हादसा हुआ है, वह भैरवी-सैरांग रेलवे प्रोजेक्ट के ब्रिज नंबर 196 पर हुआ। पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों की राजधानियों को रेल लाइन से जोड़ने के क्रम में मिजोरम के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। 51.38 किमी लंबी भैरवी-सैरांग रेल लाइन परियोजना 85 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी है। इसे फरवरी 2024 तक चालू करने का लक्ष्य है।
भैरवी-सैरांग नई रेलवे लाइन परियोजना को वर्ष 2008-09 में मंजूरी दी गई थी, लेकिन फंडिंग की कमी के चलते काम शुरू नहीं हो पाया। इस पर काम पिछले आठ वर्षों से तेजी से हो पाया है। पूरी परियोजना की लंबाई 51.38 किमी और इसकी अनुमानित लागत 8,605 करोड़ रुपये है। इस पूरी परियोजना में 55 बड़े और 87 माइनर ब्रिज होंगे।
परियोजना में पांच सड़क के ऊपर वाले पुल और छह सड़क के नीचे वाले पुल भी होंगे। कई सुरंगों का निर्माण होना है। कुल 12,639.20 मीटर सुरंग कार्य भी इस परियोजना में किए जाएंगे। परियोजना के निर्माण के लिए 487.47 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण और 347.89 लाख क्यूविक मीटर मिट्टी कार्य किया गया है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, मिजोरम में हुए पुल हादसे से दुखी हूं। प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को (पीएमएनआरएफ) 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी संवेदना व्यक्त की।
आईआईटी गुवाहाटी ने की थी गार्डर की जांच
रेलवे प्रवक्ता के मुताबिक, जो गार्डर गिरा है उसे एसटीयूपी कंसल्टेंट ने डिजाइन किया था और आईआईटी गुवाहाटी ने इसकी जांच की थी। हादसे में पुल नहीं ढहा बल्कि निर्माणस्थल पर इंस्टॉल किए जाते वक्त यह गार्डर गिरने से मौतें हुईं।