{"_id":"5f063a338ebc3e63841b7a91","slug":"mit-says-2-87-lakh-cases-of-corona-will-be-reported-daily-in-india-at-the-end-of-next-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत में अगले साल के अंत में रोजाना होंगे कोरोना के 2.87 लाख मामले : एमआईटी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भारत में अगले साल के अंत में रोजाना होंगे कोरोना के 2.87 लाख मामले : एमआईटी
Thu, 09 Jul 2020 02:57 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Thu, 09 Jul 2020 02:57 AM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस
- फोटो : iStock
कोरोना महामारी के बीच मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) ने एक डरावनी रिपोर्ट दी है। एमआईटी ने एक अध्ययन में कहा है कि कोविड-19 की वैक्सीन या दवा के अभाव में 2021 के सर्दियों तक भारत में कोरोना के रोजाना 2.87 लाख मरीज संक्रमित हो सकते हैं।
एमआईटी के शोधकर्ताओं ने 84 देशों के 4.75 अरब लोगों के डाटा का अध्ययन करने के बाद महामारी विज्ञान का एक मॉडल विकसित किया है। एमआईटी के प्रोफेसर हजीर रहमानदाद, जॉन स्टरमैन और पीएचडी शोधार्थी त्से यांग लिम ने पाया कि 2021 सर्दियों तक रोजाना कोरोना के मरीज सामने आने वाले दस देशों में भारत 2.87 लाख मरीज के साथ शीर्ष पर होगा। इसके बाद अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, इंडोनेशिया, ब्रिटेन, नाइजीरिया, तुर्की, फ्रांस और जर्मनी का नंबर है।
अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि हालांकि यह अनुमान मौजूदा टेस्टिंग, व्यवहारगत और नीतिगत आधार पर बेहद संवेदनशील है। इसे संभावित खतरे को लेकर एक संकेतक के तौर देखा जाना चाहिए। यह भविष्य में आने वाले मामले के बारे में कोई पूर्वानुमान नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्यादा तेजी से जांच और संपर्क में कमी से भविष्य में नए मामलों में कमी आएगी। अध्ययनकर्ताओं का अनुमान है कि 18 जून तक 84 देशों में कोरोना के कुल मामले और मौत की आधिकारिक रिपोर्ट के मुकाबले यह आंकड़ा क्रमश: 11.8 और 1.48 गुना ज्यादा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमआईटी के शोधकर्ताओं ने 84 देशों के 4.75 अरब लोगों के डाटा का अध्ययन करने के बाद महामारी विज्ञान का एक मॉडल विकसित किया है। एमआईटी के प्रोफेसर हजीर रहमानदाद, जॉन स्टरमैन और पीएचडी शोधार्थी त्से यांग लिम ने पाया कि 2021 सर्दियों तक रोजाना कोरोना के मरीज सामने आने वाले दस देशों में भारत 2.87 लाख मरीज के साथ शीर्ष पर होगा। इसके बाद अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, इंडोनेशिया, ब्रिटेन, नाइजीरिया, तुर्की, फ्रांस और जर्मनी का नंबर है।
विज्ञापन
अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि हालांकि यह अनुमान मौजूदा टेस्टिंग, व्यवहारगत और नीतिगत आधार पर बेहद संवेदनशील है। इसे संभावित खतरे को लेकर एक संकेतक के तौर देखा जाना चाहिए। यह भविष्य में आने वाले मामले के बारे में कोई पूर्वानुमान नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्यादा तेजी से जांच और संपर्क में कमी से भविष्य में नए मामलों में कमी आएगी। अध्ययनकर्ताओं का अनुमान है कि 18 जून तक 84 देशों में कोरोना के कुल मामले और मौत की आधिकारिक रिपोर्ट के मुकाबले यह आंकड़ा क्रमश: 11.8 और 1.48 गुना ज्यादा है।
विज्ञापन