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Mission UP: पश्चिमी यूपी में सियासी बिसात बिछाने आ रहे सीएम योगी, निशाने पर होगा 2027

Wed, 20 Aug 2025 07:23 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Wed, 20 Aug 2025 07:23 PM IST
सार

सपा पीडीए समीकरणों के सहारे सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी है तो भाजपा अभी से अपने कील-कांटे दुरुस्त कर 2027 में एक बार फिर सत्ता में वापसी की योजना पर काम कर रही है। भाजपा की चुनावी लड़ाई की कमान एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों में ही दिखाई दे रही है।

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Mission UP: CM Yogi is coming to lay the political chessboard in western UP, 2027 will be the target
सीएम योगी - फोटो : संवाद

विस्तार

यूपी में विधानसभा चुनाव भले ही दूर हैं, लेकिन इसको लेकर अभी से सत्ता पक्ष-विपक्ष सियासी बिसात बिछाने में जुट गए हैं। सपा पीडीए समीकरणों के सहारे सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी है तो भाजपा अभी से अपने कील-कांटे दुरुस्त कर 2027 में एक बार फिर सत्ता में वापसी की योजना पर काम कर रही है। भाजपा की चुनावी लड़ाई की कमान एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों में ही दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक बार फिर पश्चिमी यूपी पहुंच रहे हैं जहां वे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुण्यतिथि के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। लेकिन पिछले 15 दिनों में लगातार दूसरी बार पश्चिमी यूपी की यात्रा को 2027 की चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। 

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दरअसल, पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिमी यूपी भाजपा की कमजोर कड़ी साबित हुआ था। 2014 से लेकर 2022 तक इस इलाके में भाजपा ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी, लेकिन संविधान मुद्दे की आंधी में 2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिमी यूपी का एक बड़ा हिस्सा भाजपा के हाथ से फिसल गया। योगी जानते हैं कि यदि भाजपा को तीसरी बार यूपी की सत्ता में लाना है तो उन्हें पूर्वांचल के साथ-साथ पश्चिम के इस किले पर दुबारा कब्जा करना होगा। उनके हाल के दौरों को उनकी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।  
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क्या है भाजपा की रणनीति 
पश्चिमी यूपी में किसान, रोजगार और विकास का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है। यूपी सरकार इन सभी मुद्दों पर एक साथ काम करती हुई दिखाई दे रही है। केंद्र और यूपी सरकार ने किसानों को केंद्रित कर कई नीतियां तैयार की हैं जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। पश्चिमी यूपी के जाट-गुर्जर और अन्य समुदाय के युवा सेना और पुलिस की नौकरी को प्राथमिकता देते हैं। यूपी सरकार ने अग्निवीर युवाओं को नौकरी में विशेष वरीयता देने की घो।षणा कर युवाओं को साधने की कोशिश की है। 
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इसी तरह पश्चिमी यूपी में एयरपोर्ट बनाने से लेकर इसे बैंगलोर-हैदराबाद जैसे शहरों की तरह तकनीकी और उत्पादन का बड़ा हब बनाने की कोशिशें जारी हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के विकास ने यूपी में बेरोजगारी की दर को रिकॉर्ड निचले स्तर पर लाने में सहायता की है। इससे पूरे प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देने में मदद मिली है।   

नाम बदलने से लेकर कांवड़ यात्राओं की सुविधा भी साध रहे योगी
योगी आदित्यनाथ सरकार पर आरोप लगते रहे हैं कि वह हिंदुओं की भावनाओं को संतुष्ट कर इसका राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करती रही है। इलाहाबाद को प्रयागराज और फैजाबाद को अयोध्या बनाने के पीछे भी विपक्ष ने यही तर्क दिया था। लेकिन विपक्ष के हमलों से बेपरवाह योगी सरकार विधानसभा चुनावों के पहले इस तरह की एक और कोशिश को अंजाम दे सकती है। शाहजहां पुर के लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए इसका नाम बदलने की भी तैयारी है। इसे भी पश्चिमी यूपी को साधने की भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। 

विकास और रोजगार के दम पर हासिल करेंगे जीत- भाजपा 
भाजपा प्रवक्ता एसएन सिंह ने अमर उजाला से कहा कि यूपी के लोग जब-जब मुंबई और दिल्ली का विकास देखते थे तब वे केवल यही सोचते थे कि उनके प्रदेश का विकास कब होगा। लेकिन जब से केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार आई है, जनता ने देख लिया है कि उनका प्रदेश विकास के मायनों में मुंबई-बंगलौर जैसे शहरों को टक्कर देने लगा है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां अपने कार्यालय खोलकर हजारों लोगों को रोजगार दे रही हैं। इससे पूरे प्रदेश का नक्शा बदल गया है। 

एसएन सिंह ने कहा कि भाजपा केवल विकासवाद की राजनीति करती है। टूटी-फूटी सड़कों पर चलने के लिए मजबूर रहने वाले यूपी के लोगों ने पहली बार यह देखा है कि किस तरह पूरे प्रदेश में हाईवे और शानदार सड़कों का जाल बिछ गया है। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली से लखनऊ और गोरखपुर पहुंचने में आठ-दस घंटे से भी कम का समय लग रहा है। उन्होंने कहा भाजपा अपने काम के दम पर एक बार फिर यूपी की सत्ता में वापसी करेगी और यूपी को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाएगी। 

भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति अब नहीं आएगी काम- सपा
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मोहम्मद आजम खान ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा शुरू से ही केवल सांप्रदायिक माहौल खड़ा कर चुनाव जीतने का काम करती रही है। लेकिन जनता ने यह देख लिया है कि यूपी सरकार विकास को पीछे छोड़ केवल इन्हीं हथकंडों के सहारे एक बार फिर सत्ता में वापसी करना चाहती है। 


सपा नेता ने कहा कि लेकिन जनता ने यह देख लिया है कि इस तरह की सांप्रदायिक राजनीति उनके किसी काम की नहीं है। उन्हें अखिलेश यादव के सरकार के दौरान किए गए विकासवादी राजनीति की उम्मीद है। सपा नेता ने कहा कि इस बार जनता भाजपा को अवसर नहीं देगी और सांप्रदायिक राजनीति की हार होगी।

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