{"_id":"603ea6c4853d0f3cf4330928","slug":"minor-misdemeanor-victim-asks-supreme-court-for-permission-to-abort-26-weeks-of-pregnancy","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने शीर्ष कोर्ट से मांगी 26 सप्ताह के गर्भ को गिराने की इजाजत ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने शीर्ष कोर्ट से मांगी 26 सप्ताह के गर्भ को गिराने की इजाजत
Wed, 03 Mar 2021 02:27 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 03 Mar 2021 02:27 AM IST
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा की एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट से उसके 26 हफ्ते के गर्भ को गिराने की अनुमति मांगी है। पीड़िता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट तलब की है। पीड़िता के दूर के रिश्तेदार (भाई) ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
विज्ञापन
सीजेआई एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले में कोई आदेश देने से पहले करनाल के सरकारी अस्पताल को अगले हफ्ते मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने पीठ से कहा, 'मेडिकल बोर्ड को तत्काल इस पर गौर करने की जरूरत है क्योंकि 26 हफ्ते का गर्भ है।'
विज्ञापन
हरहाल पीठ ने इस मामले में सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए अगले हफ्ते याचिका का निपटारा करने का निर्णय लिया है। दरअसल, गर्भपात कानून (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट) के तहत गर्भधारण के 20 हफ्ते के बाद गर्भपात की इजाजत नहीं है। हां यह जरूर है कि अगर महिला की जान को खतरा हो तो 20 हफ्ते के बाद भी गर्भपात कराने की इजाजत दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट पहले भी 20 हफ्ते से अधिक के गर्भ को गिराने की इजाजत दे चुका है।
विज्ञापन