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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना मरीजों के लिए मेथिलप्रेडनिसोलोन की जगह डेक्सामेथासोन के प्रयोग की दी अनुमति
Sat, 27 Jun 2020 01:11 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sat, 27 Jun 2020 01:11 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के उपचार प्रोटोकॉल में एक बार फिर बदलाव किया है। इसके तहत कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए स्टेरॉयड डेक्सामेथासोन के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। अब तक के अध्ययनों के अनुसार, इस दवा को देने से कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों को मौत से बचाया जा सका है।
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हाल ही में यूरोप के विशेषज्ञों ने एक अध्ययन में इसे साबित भी किया है जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना प्रभावित देशों से केवल गंभीर मरीजों के इलाज में इस दवा का इस्तेमाल किए जाने की सलाह भी दी थी।
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Union Health Ministry revises clinical management protocol for #COVID19. Glucocorticosteroid dexamethasone now allowed as alternative to methylprednisolone for moderate & severe #COVID19 patients in need of oxygen support who experience excessive inflammatory response: Statement pic.twitter.com/JS8YysNaNW
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 27, 2020
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को उपचार प्रोटोकॉल में संशोधन की जानकारी देते हुए बताया कि ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मध्यम और गंभीर स्थिति वाले कोरोना वायरस मरीजों को अभी तक मेथिलप्रेडनिसोलोन नामक दवा दी जा रही थी लेकिन अब इसकी जगह पर डेक्सामेथासोन दवा दी जा सकती है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में यह दवा आसानी से उपलब्ध है। साथ ही कई वर्षों से यह दवा राष्ट्रीय दवा आवश्यक सूची (एनएलईएम) में भी शामिल है। सभी राज्य व केंद्र शासित राज्यों को संशोधन से जुड़े दिशा-निर्देश देते हुए जल्द से जल्द अस्पतालों में इन दवाओं को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
अभी तक स्वास्थ्य मंत्रालय कोविड उपचार प्रोटोकॉल को लेकर चार बार संशोधन कर चुका है। बीते 13 जून को मंत्रालय ने तीसरा संशोधन करते हुए रेमडेसिविर दवा को आपातकालीन स्थिति में ही इस्तेमाल किए जाने की अनुमति दी थी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ निदेशक ने बताया कि अभी डेक्सामेथासोन दवा पर दुनिया भर में और भी परीक्षण चल रहे हैं जिनमें से कुछ के परिणाम जल्द सामने आ सकते हैं। यूरोप में इस दवा का इस्तेमाल कोविड मरीजों के उपचार में किया जा रहा है।
क्या है डेक्सामेथासोन
डेक्सामेथासोन दवा डब्ल्यूएचओ की आवश्यक दवाओं की सूची में वर्ष 1977 से सूचीबद्ध है। डेक्सामेथासोन एक स्टेरॉयड है जिसका उपयोग सांस की समस्या, एलर्जिक रिएक्शन, ऑर्थराइटिस, हार्मोन या इम्यूनिटी सिस्टम डिसऑर्डर और सूजन के इलाज के लिए किया जाता है। यह दवा शरीर का नेचुरल डिफेंसिव रिस्पॉन्स को भी कम करती है।
वैज्ञानिकों ने कहा कि इस दवा को 2104 मरीजों को दिया गया और उनकी तुलना साधारण तरीकों से इलाज किए जा रहे 4321 दूसरे मरीजों से की गई। दवा के इस्तेमाल के बाद वेंटिलेटर के साथ उपचार करा रहे मरीजों की मृत्यु दर 35 फीसदी तक घट गई। वहीं, जिन मरीजों को आक्सीजन दिया जा रहा था उनमें भी मृत्यु दर 20 प्रतिशत कम हो गई।