{"_id":"62fccaa4b31a1a5b0f1af255","slug":"mining-lease-row-sc-reserves-verdict-on-pleas-of-soren-j-khand-govt-against-hc-order-for-probe","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mining lease row: हेमंत सोरेन के खिलाफ याचिका पर फैसला सुरक्षित, सीएम पर खनन पट्टे में भ्रष्टाचार का आरोप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Mining lease row: हेमंत सोरेन के खिलाफ याचिका पर फैसला सुरक्षित, सीएम पर खनन पट्टे में भ्रष्टाचार का आरोप
Wed, 17 Aug 2022 04:33 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 17 Aug 2022 04:33 PM IST
सार
शीर्ष अदालत ने कहा कि उसने दोनों पक्षों के वकीलों को सुना है। आदेश सुरक्षित रखा गया है। चूंकि अदालत मामले पर सुनवाई कर रहा है, इसलिए उच्च न्यायालय मामले पर आगे नहीं बढ़ेगा।
विज्ञापन
सीएम हेमंत सोरेन
- फोटो : Social media
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट की कार्यवाही पर रोक लग दी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार और सीएम सोरेन द्वारा दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने सोरेन के खिलाफ जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका को स्वीकार किया था। सोरेन पर राज्य का खनन मंत्री रहने के दौरान खुद को खनन पट्टा आवंटित करने का आरोप है। न्यायमूर्ति यू यू ललित, न्यायमूर्ति एस आर भट और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनीं।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की कार्यवाही रोकी
शीर्ष अदालत ने कहा कि उसने दोनों पक्षों के वकीलों को सुना है। आदेश सुरक्षित रखा गया है। चूंकि अदालत मामले पर सुनवाई कर रहा है, इसलिए उच्च न्यायालय मामले पर आगे नहीं बढ़ेगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका की एक प्रति और पक्षों द्वारा दी गई दलीलों को रिकॉर्ड में रखा जाए। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने इस साल फरवरी में दावा किया था कि सोरेन ने अपने पद का दुरुपयोग किया और खुद को खनन पट्टा आवंटित किया। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसमें हितों के टकराव और भ्रष्टाचार दोनों शामिल हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया।
विज्ञापन
विवाद का संज्ञान लेते हुए भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने मई में सोरेन को एक नोटिस भेजकर खनन और पर्यावरण विभागों को इस खनन पट्टे पर अपना पक्ष रखने को कहा था। चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा था कि पट्टे का स्वामित्व जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9ए का उल्लंघन करता है, जो सरकारी अनुबंधों आदि के लिए अयोग्यता से संबंधित है। यह मामला अभी भी चुनाव आयोग के पास लंबित है। झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका में खनन पट्टे के अनुदान में अनियमितताओं और मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों और सहयोगियों से कथित रूप से जुड़ी कुछ मुखौटा कंपनियों के लेनदेन की जांच की मांग की गई थी।
विज्ञापन