युद्ध हुआ तो कितनी देर तक टिकेगा पाकिस्तान, जानिए दोनों देशों की सैन्य ताकत
पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिनों बाद भारत ने पाकिस्तान में घुसकर कई आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया है। वायुसेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के क्षेत्र को पार करके पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बालाकोट में जैश के सबसे पुराने कैंप पर हमला किया है। कैंप का मुखिया अजहर मसूद का साला यूसुफ अजहर था।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि अगर भारत हमला करता है तो पाकिस्तान चुप नहीं बैठेगा। पाकिस्तान भी इसका जवाब देगा। पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाक संबंध और तल्ख हो गए हैं। गौरतलब है कि 1947 में बंटवार के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच दो लड़ाई हो चुकी है। दोनों देशों की सैन्य ताकत का आकलन करते हैं।
दुनिया भर के देशों की सैन्य ताकत का सालाना आकलन करने वाली संस्था ग्लोबल फायर पावर के मुताबिक पाकिस्तान भारत के सामने कहीं नहीं ठहरता। पाकिस्तान की सैन्य शक्ति हर लिहाज में भारत से आधी है। ग्लोबल फायर पावर के 2018 के इंडेक्स में यह जानकारी सामने आई थी।
पाकिस्तान के पास जहां 1,281 लड़ाकू विमान हैं, वहीं भारत के पास 2,185 लड़ाकू विमान हैं। भारत के पास 4,426 टैंक हैं जबकि पाकिस्तान के पास सिर्फ 2182 टैंक हैं। 136 देशों के इंडेक्स में भारत चौथे स्थान पर है। वहीं इस सूची में पाकिस्तान 17वें स्थान पर है।
भारत-पाकिस्तान की सैन्य क्षमता
| भारत | पाकिस्तान | |
| सैनिक | 13.6 लाख | 6.37 लाख |
| टैंक | 4426 | 2182 |
| युद्धपोत | 295 | 197 |
| लड़ाकू विमान | 2185 | 1281 |
| हेलीकॉप्टर | 720 | 328 |
| रक्षा खर्च | 41 खरब 23 अरब रुपये | 7 खरब 81 अरब रुपये |
भारत का रक्षा बजट पाक से की गुना ज्यादा
इंटरनैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज (आईआईएसएस) के अनुसार भारत ने अपने 14 लाख सक्रिय सैनिकों के लिए 2018 में 58 अरब डॉलर (41 खरब 23 अरब एक करोड़ 70 लाख रुपये) का रक्षा बजट पारित किया था। यह धन राशि भारत की जीडीपी का 2.1 फीसदी है।
वहीं, पिछले साल पाकिस्तान ने अपने 6,53,000 सैनिकों के लिए 11 अरब डॉलर (7 खरब 81 अरब 95 करोड़ रुपये) का रक्षा बजट पास किया था। यह धन राशि पाकिस्तान की जीडीपी का 3.6 फीसदी है। पाकिस्तान को साल 2018 में 10 लाख डॉलर (सात करोड़ 10 लाख रुपये) की सैन्य सहायता भी मिली थी।
स्टॉकहोम इंटरनैशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट ( एसआईपीआरआई) के अनुसार साल 1993 से 2006 के बीच पाकिस्तान ने सेना पर अपनी बजट का 20 फीसदी से अधिक हिस्सा खर्च किया है। इसके मुताबिक साल 2017 में सरकारी खर्च में 16.7 फीसदी हिस्सा सेना पर खर्च किया गया था। वहीं भारत ने उसी अवधि के दौरान अपने बजट का 12 फीसदी हिस्सा रक्षा पर खर्च किया था, जबकि साल 2017 में यह 9.1 फीसदी था।