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गलवां घाटी में जारी तनाव के बीच माइक पोम्पियो ने एस जयशंकर को किया फोन
Sun, 05 Jul 2020 08:46 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 05 Jul 2020 08:46 AM IST
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एस जयशंकर-माइक पोम्पियो (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
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भारत और चीन के बीच 15 जून को गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से तनाव जारी है। इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ फोन पर बातचीत की। सूत्रों का कहना है कि पोम्पियो ने लगभग 10 दिन पहले फोन किया था और संकट के समय भारत को अमेरिका का समर्थन देने की बात कही थी।
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मार्च से अब तक जयशंकर और पोम्पियो ने लगभग तीन बार एक-दूसरे से बात की है। हालांकि गलवां घाटी में हुई हिंसा के बाद दोनों के बीच पहली बार बात हुई। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि फोन के बारे में जानकारी रणनीतिक कारणों की वजह से सार्वजनिक नहीं की गई क्योंकि भारत और चीन इस समय सैन्य और राजनयिक स्तर पर वार्ता कर रहे हैं।
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भारत और चीन के बीच कॉर्प्स कमांडर स्तर की दूसरी वार्ता 22 जून को हुई। गलवां घाटी में हुई झड़प के दो दिन बाद, 17 जून को वाशिंगटन की तरफ से जो बयान आया था वो काफी तटस्थ था। अमेरिकी विदेशी विभाग ने बयान जारी कर कहा था, ‘हम वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। भारतीय सेना ने बताया है कि उसके 20 जवान शहीद हुए हैं। हम उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। भारत और चीन दोनों ने ही तनाव कम करने को लेकर इच्छा जाहिर की है और हम वर्तमान स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं।’
पिछले 10 दिनों में अमेरिका की ओर से जारी बयानों में भारत के प्रति खुलकर समर्थन दर्शाया जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो इस मामले में सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं। एक जुलाई को वाशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने भारत सरकार द्वारा 59 चीनी एप्स को प्रतिबंधित करने के फैसले का स्वागत किया था। अमेरिका ने सार्वजनिक रूप और निजी तौर पर एलएसी पर जारी तनाव के बीच साउथ ब्लॉक को अपना दृढ़ समर्थन दिया है।