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गृह मंत्रालय की राज्यों को एडवाइजरी, हिंसा रोकें और फेक न्यूज पर कसें लगाम
Tue, 17 Dec 2019 01:11 AM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Tue, 17 Dec 2019 01:11 AM IST
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पूर्वोत्तर में नागरिकता कानून का विरोध
- फोटो : PTI
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नागरिकता कानून के विरोध में असम से लेकर दिल्ली तक हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी कर हिंसक प्रदर्शनों पर लगाम कसने को कहा है। मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा कि देश के नागरिकों की सुरक्षा और उनके जीवन की रक्षा अहम है।
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मंत्रालय ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान होने की घटनाओं के मद्देनजर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि यह जरूरी है कि हिंसा रोकने, नागरिकों की जान की हिफाजत करने और संपत्तियों को नुकसान होने से रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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एडवाइजरी के अनुसार, उनसे सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए भी कार्रवाई करने को कहा गया है जिनसे हिंसा भड़क सकती है।
गृह मंत्रालय ने लिखा है कि राज्यों को कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही मंत्रालय ने राज्यों को इस एक्ट के संबंध में फेक न्यूज और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर बारीकी से नजर रखने और इन्हें रोकने को कहा है।
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गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने पाया है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। दिल्ली में पुलिस द्वारा बस जलाने की अफवाह का मामला इसी तरह का प्रयास था। साथ ही ये अफवाह भी फैलाई गई कि फायरिंग में दो लोगों की मौत हुई है। जामिया मिल्लिया की वाइस चांसलर ने भी इसे अफवाह करार दिया है।
संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। संसद ने पिछले सप्ताह ही नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दी थी जो राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद कानून बन गया।