फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Meghalaya mine mishap NDRF and indian navy enters mine

मेघालय खदान हादसा : पांच घंटे की तलाशी के बावजूद खदान से खाली हाथ लौटा बचाव दल, मजदूरों का पता नहीं

Sun, 30 Dec 2018 08:15 PM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग Published by: संदीप भट्ट Updated Sun, 30 Dec 2018 08:15 PM IST
विज्ञापन
Meghalaya mine mishap NDRF and indian navy enters mine
meghalaya mine

मेघालय के ईस्ट जयंतियां हिल्स की एक कोयला खदान में फंसे 15 मजदूरों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ के गोताखोरों ने रविवार को लगभग पांच घंटे तक साढ़े तीन सौ फुट गहरी खदान में उतर कर तलाशी अभियान चलाया। लेकिन उन मजदूरों का कोई सुराग नहीं मिल सका। खदान में अचानक नदी का पानी भर जाने की वजह से उक्त मजदूर बीते 13 दिसंबर से ही भीतर फंसे हैं।

विज्ञापन


छह गोताखोरों की एक टीम दोपहर बाद दो बजे खदान में उतरी। उन्होंने खदान में पानी के स्तर और उसकी गहराई का जायजा लिया। एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गोताखोरों को भीतर मजदूरों की मौजूदगी का कोई निशान नहीं मिला।
विज्ञापन


तलाशी अभियान सोमवार को भी जारी रहेगा। पहले कहा जा रहा था कि बगल से बहने वाली लीटन नदी का पानी अचानक घुसने की वजह से ही मजदूर वहां फंस गए थे। लेकिन खनन विशेषज्ञ जसवंत सिंह गिल ने यह कहते हुए इस थ्योरी को खारिज कर दिया है कि नदी का जल स्तर खदान की गहराई से नीचे है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गिल का दावा है कि पास की किसी बंद पड़ी खदान से ही पानी इस खदान में घुसा है। इसे निकालने में कई दिनों का समय लग सकता है। इन मजदूरों को तलाशने के लिए शनिवार को विशाखापत्तनम से भारतीय नौसेना के 15 गोताखोरों की एक टीम मौके पर पहुंची थी।

गौरतलब है कि खनिक 13 दिसंबर को पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के लुम्थारी गांव के क्सान इलाके की एक खदान में नजदीकी लैतिन नदी का पानी भर जाने के बाद से अंदर फंसे हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), नौसेना, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और कोल इंडिया की मदद से बचाव अभियान में लगा है।

जिले के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नौसेना के गोताखोरों ने बताया है कि उनके पास खदान में 100 फुट अंदर तक जाने की क्षमता है जबकि एनडीआरएफ के गोताखोर 30 फुट अंदर तक जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed