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Peace Talks With Militant Outfit: मेघालय के सीएम संगमा ने की केंद्र से चर्चा, दिल्ली में गृह सचिव से की मुलाकात
Wed, 16 Feb 2022 05:28 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क अमर उजाला, शिलांग
न्यूज डेस्क अमर उजाला, शिलांग
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 16 Feb 2022 05:28 PM IST
सार
मेघालय के सीएम कोनराड संगमा ने बताया कि उन्होंने एचएनएलसी नामक प्रतिबंधित संगठन के साथ शांति वार्ता को लेकर एमएचए के साथ व्यापक चर्चा की।
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सीएम कोनराड संगमा
- फोटो : ANI
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विस्तार
मेघालय के सीएम कोनराड संगमा बुधवार को दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने हाइनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (एचएनएलसी) नामक प्रतिबंधित संगठन के साथ शांति वार्ता को लेकर गृह मंत्रालय के साथ व्यापक चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि हमें एचएनएलसी नामक एक प्रतिबंध संगठन से शांति वार्ता करने के लिए एक पत्र मिला है। सरकार को लिखे इस पत्र में कहा गया है कि वे संविधान के दायरे में बिना शर्त बातचीत के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं सीएम कोनराड संगमा ने कहा कि वे संगठन के साथ शांति वार्ता की चर्चा को आगे ले जाने के लिए और इसे तार्किक निष्कर्ष पर ले जाने के लिए उत्सुक हैं।
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा इस शांति वार्ता को लेकर एमएचए के साथ चर्चा के लिए मंगलवार को दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि वे दिल्ली में एमएचए के अधिकारियों के साथ HNLC की शांति वार्ता को लेकर व्यापक चर्चा करेंगे। एमएचए से मंजूरी मिल जाने के बाद इस बारे में अगला कदम उठाया जाएगा।
गौरतलब है कि हन्नीवट्रेप नेशनल लिब्रेशन काउंसिल (एचएनएलसी) संगठन राष्ट्र विरोधी, गैर कानूनी और हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल पाया गया था, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने इस पर नवंबर 2019 में प्रतिबंध लगा दिया था। यह संगठन मेघालय को भारत से अलग करने के प्रयास में जुटा था। इस संगठन से जुड़े सभी अग्रणी गुट लंबे समय से खुलेआम यह घोषणा करते आए हैं कि उनका मकसद मेघालय राज्य (खासी और जैंतिया जनजातीय बाहुल्य आबादी वाले) क्षेत्र को भारत संघ से अलग कराना है।
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गृह मंत्रालय के मुताबिक, एचएनएलसी ने खासी और जैंतिया के जनजातीय बाहुल्य वाले मेघालय राज्य के क्षेत्रों को भारत से अलग करने का खुलेआम समर्थन किया है। इस संगठन के सदस्य लोगों से जबरन धन वसूली करते हैं। वे आम नागरिकों को डराकर रखते हैं। लोगों में दिलों में आतंक बना रहे, इसके लिए संगठन के सदस्य पूर्वोत्तर क्षेत्र के अन्य विद्रोही समूहों के साथ संपर्क बनाए रखते हैं।
वहीं फरवरी आठ 2022 को प्रतिबंधित संगठन एचएनएलसी ने पत्र लिखकर कहा था कि वह असम सरकार के साथ बिना किसी पूर्व शर्तों के शांति वार्ता के लिए तैयार है।
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मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा इस शांति वार्ता को लेकर एमएचए के साथ चर्चा के लिए मंगलवार को दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि वे दिल्ली में एमएचए के अधिकारियों के साथ HNLC की शांति वार्ता को लेकर व्यापक चर्चा करेंगे। एमएचए से मंजूरी मिल जाने के बाद इस बारे में अगला कदम उठाया जाएगा।
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गौरतलब है कि हन्नीवट्रेप नेशनल लिब्रेशन काउंसिल (एचएनएलसी) संगठन राष्ट्र विरोधी, गैर कानूनी और हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल पाया गया था, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने इस पर नवंबर 2019 में प्रतिबंध लगा दिया था। यह संगठन मेघालय को भारत से अलग करने के प्रयास में जुटा था। इस संगठन से जुड़े सभी अग्रणी गुट लंबे समय से खुलेआम यह घोषणा करते आए हैं कि उनका मकसद मेघालय राज्य (खासी और जैंतिया जनजातीय बाहुल्य आबादी वाले) क्षेत्र को भारत संघ से अलग कराना है।
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गृह मंत्रालय के मुताबिक, एचएनएलसी ने खासी और जैंतिया के जनजातीय बाहुल्य वाले मेघालय राज्य के क्षेत्रों को भारत से अलग करने का खुलेआम समर्थन किया है। इस संगठन के सदस्य लोगों से जबरन धन वसूली करते हैं। वे आम नागरिकों को डराकर रखते हैं। लोगों में दिलों में आतंक बना रहे, इसके लिए संगठन के सदस्य पूर्वोत्तर क्षेत्र के अन्य विद्रोही समूहों के साथ संपर्क बनाए रखते हैं।
वहीं फरवरी आठ 2022 को प्रतिबंधित संगठन एचएनएलसी ने पत्र लिखकर कहा था कि वह असम सरकार के साथ बिना किसी पूर्व शर्तों के शांति वार्ता के लिए तैयार है।