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ये हैं देश को दिशा देने वाले सबसे ताकतवर नौकरशाह

Fri, 03 Jan 2020 04:42 PM IST
Rama Solanki रमा सोलंकी
Updated Fri, 03 Jan 2020 04:42 PM IST
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सार
  • जेम्स बॉन्ड से कम नहीं हैं अजित डोभाल
  • प्रमोद कुमार मिश्रा पीएम मोदी के सबसे भरोसेमंद नौकरशाहों में से एक है 
  • अरविंद कुमार शर्मा को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार का श्रेय दिया जाता है
  • शक्तिकांत दास नोटबंदी के दौरान भी आर्थिक मामलों के सचिव रहे जिसके चलते तमाम चुनौतियों का सामना किया
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Meet the strongest bureaucrats who are giving direction to our country
देश के सबसे ताकतवर नौकरशाह - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

संसद, जहां से हिंदुस्तान चलता है, जिस भव्य इमारत में लोकतंत्र सांसें लेता है, उसी संसद के दोनों ओर दो मजबूत और शानदार इमारतें हैं, जिनको साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक के नाम से जाना जाता है। इस देश का शासन इन्हीं इमारतों से चलता है। देश के नुमाइंदे और नौकरशाह यही बैठकर देश का खाका तैयार करते हैं। भारत सरकार का कोई निर्णय हो या योजना को लागू करने की बात हो, इन सबकी जिम्मेदारी इन्हीं ताकतवर नौकरशाहों के कंधों पर होती है।  



आइए जानते हैं भारत के सबसे ताकतवर नौकरशाहों के बारे में सबकुछ 
 

जेम्स बॉन्ड से कम नहीं हैं अजीत डोभाल

अजीत डोभाल
अजीत डोभाल - फोटो : Amar Ujala

नाम- अजीत डोभाल
जिम्मेदारी- राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए)
कैडर-1968 बैच के केरल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं।

  • अजीत डोभाल देश के पहले ऐसे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) हैं, जिन्हें पांच साल का दूसरा कार्यकाल भी मिला है। 
  • वे ऐसे अधिकारियों में से हैं, जिनकी अपनी ऑफिस बिल्डिंग है। 
  • भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक रहे अजीत डोभाल इस समय देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। 
  • वह देश के पांचवें एनएसए हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी उन्हें यह जिम्मेदारी मिली हुई थी। 
  • पूर्वोत्तर, पंजाब, पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में कई आतंक रोधी ऑपरेशन में शामिल रहे डोभाल को भारत का जेम्स बॉन्ड भी कहा जाता है।
  • साल 30 मई, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजीत डोभाल को देश के 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया।
  • अजीत डोभाल को सैन्य सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है और यह सम्मान पाने वाले वह पहले पुलिस अधिकारी बने। 

प्रमोद कुमार मिश्र पीएम मोदी के सबसे भरोसेमंद नौकरशाहों में से एक हैं

प्रमोद कुमार मिश्रा
प्रमोद कुमार मिश्रा - फोटो : Amar Ujala

नाम- प्रमोद कुमार मिश्रा
जिम्मेदारी- पीएमओ में अतिरिक्त प्रधान सचिव
कैडर-गुजरात कैडर (1972) के आईएएस अधिकारी

  • प्रमोद कुमार मिश्रा पीएमओ के ताकतवर अधिकारियों में शामिल हैं और पीएम मोदी के सबसे भरोसेमंद नौकरशाहों में से एक हैं। 
  • प्रमोद कुमार मिश्रा को 2019 का संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय ‘ससाकावा पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है।
  • 2001 में जब पहली बार नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे तब प्रमोद कुमार मिश्र गुजरात के प्रमुख सचिव बनाये गए थे।
  • फसल बीमा स्कीम इनकी देन है और वह यूपीए सरकार की भी पहली पसंद रहे थे। 

नोटबंदी के दौरान आर्थिक मामलों के सचिव रहे और चुनौतियों का सामना किया

शक्तिकांत दास
शक्तिकांत दास - फोटो : Amar Ujala

नाम-शक्तिकांत दास
जिम्मेदारी- रिजर्व बैंक के गवर्नर
कैडर- 1980 बैच भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी

  • शक्तिकांत दास ने बीए में डिग्री हासिल की और इतिहास में एमए की डिग्री हासिल की है।
  • शक्तिकांत दास आरबीआई के गर्वनर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने ऐसे समय में यह जिम्मेदारी ली, जब केंद्रीय बैंक कई कारणों से विवादों में था। 
  • नोटबंदी के दौरान भी आर्थिक मामलों के सचिव रहे जिसके चलते तमाम चुनौतियों का सामना किया। 
  • वर्ष 2013 से 2014 तक फर्टिलाइजर सेक्रेटरी ऑफ इंडिया रहे।
  • वर्ष 2014 से 2015 तक भारत के राजस्व सचिव रहे।
  • वर्ष 2015 से 2017 तक भारत के आर्थिक मामलों के सचिव पद के साथ अन्य पदों पर भी सेवाएं दे चुके हैं।

सरकार के थिंक टैंक यानी नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत

अमिताभ कांत
अमिताभ कांत - फोटो : Amar Ujala

नाम- अमिताभ कांत
जिम्मेदारी-नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) 
कैडर- भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1980 बैच के केरल कैडर के अधिकारी हैं। 

  • नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत पीएम मोदी की कुछ ऐतिहासिक पहल के पीछे की ताकत और उनके वाहक हैं। 
  • सरकार के थिंक टैंक यानी नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत बहुत विश्वसनीय अधिकारी माने जाते हैं। 
  • नीति आयोग के सीईओ बनाए जाने से पहले तक अमिताभ कांत औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग में सचिव रहे।
  • 17 फरवरी 2016 को सरकार ने अमिताभ कांत का कार्यकाल बतौर नीति आयोग सीईओ दो साल के लिए बढ़ाया। 

पीएम के आर्थिक दर्शन को समझते हैं अतनु चक्रवर्ती

अतनु चक्रवर्ती 
अतनु चक्रवर्ती  - फोटो : Amar Ujala
नाम- अतनु चक्रवर्ती 
जिम्मेदारी- वित्त सचिव
कैडर- गुजरात कैडर के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी 
  • वित्त सचिव अतनु चक्रवर्ती गुजरात में पीएम मोदी के साथ काम कर चुके हैं। वे पीएम के आर्थिक दर्शन को समझते हैं। 

अरविंद कुमार शर्मा को दिया जाता है ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार का श्रेय

अरविंद कुमार शर्मा
अरविंद कुमार शर्मा - फोटो : Amar Ujala

नाम-अरविंद कुमार शर्मा
जिम्मेदारी- पीएमओ में अतिरिक्त सचिव 
कैडर- भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1988 बैच के गुजरात कैडर के अधिकारी 

  • 2014 से अरविंद कुमार शर्मा ने पीएम मोदी के अधिकांश प्रोजेक्ट की अगुवाई की है। 
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार का श्रेय इन्हें ही दिया जाता है। 

भारतीय ब्यूरोक्रेसी को जिम्मेदार बनाने का श्रेय राजीव कुमार को जाता है

राजीव कुमार
राजीव कुमार - फोटो : Amar Ujala

नाम-राजीव कुमार
जिम्मेदारी-सचिव, फाइनेंशियल सर्विसेज
कैडर- राजीव कुमार 1984 बैच के झारखंड कैडर के आईएएस अफसर हैं

  • राजीव कुमार फाइनेंशियल सर्विसेज के सचिव हैं। उन्हें भारतीय ब्यूरोक्रेसी को जिम्मेदार बनाने का श्रेय जाता है। 
  • राजीव कुमार कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में विशेष सचिव के पद पर और संस्थापन अधिकारी के तौर पर भी भूमिका निभा चुके हैं।
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