{"_id":"625511b78baf577e586abb86","slug":"meerut-victoria-park-fire-accident-supreme-court-orders-to-nominate-an-adj-rank-officer-for-compensation","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरठ अग्निकांड: सुप्रीम कोर्ट ने एडीजे रैंक का अधिकारी नामित करने का दिया आदेश, 2006 में 65 लोगों की हुई थी मौत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मेरठ अग्निकांड: सुप्रीम कोर्ट ने एडीजे रैंक का अधिकारी नामित करने का दिया आदेश, 2006 में 65 लोगों की हुई थी मौत
Tue, 12 Apr 2022 11:14 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 12 Apr 2022 11:14 AM IST
सार
2006 में हुए इस अग्निकांड में 65 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 81 लोग गंभीर रूप से तो 85 लोग सामान्य रूप से झुलसे थे।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ के विक्टोरिया पार्क अग्निकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने के लिए एडीजे रैंक के एक अधिकारी को नामित करने का आदेश दिया है। 2006 में हुए इस अग्निकांड में 65 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 81 लोग गंभीर रूप से तो 85 लोग सामान्य रूप से झुलसे थे।
विज्ञापन
10 अप्रैल,2006 को हुआ था हादसा
दस अप्रैल 2006 को विक्टोरिया पार्क में लगाए गए कंज्यूमर मेले में भीषण आग लगी थी। यह मेला तीन दिन तक लगा था। जिस दिन आग लगी, मेले का समापन चल रहा था। दुकानदार अपने अपने स्टाल बंद कर जाने की तैयारी में थे। इस समय मेले में करीब तीन हजार लोग मौजूद थे। अचानक से आग लग गई और देखते ही देखते पूरा पंडाल आग का गोला बन गया था। यह अग्निकांड इतना वीभत्स था कि देखने और सुनने वालों की भी रुह कांप गई थी। कई परिवारों का तो इस अग्निकांड में सब कुछ चला गया। इस आग में 65 लोगों की मौत हो गई थी। 81 लोग गंभीर रूप से तो 85 लोग सामान्य रूप से झुलसे थे।
विज्ञापन
आज भी नहीं मिला न्याय
हादसे के बाद प्रशासन पर लोगों का गुस्सा फूटा था। दरअसल, जिस समय आग लगी, उस समय मेले में आग बुझाने के संसाधन नहीं मौजूद थे। इसके चलते यह आग भीषण होती चली गई। इसके बाद लोगों का गुस्सा प्रशासन व सरकार पर जमकर फूटा। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। मृतकों के परिजनों की मांग थी कि, उन्हें 20-20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। हालांकि, यह मामला आज भी कोर्ट में लंबित है। हादसे को 16 साल बीत चुके हैं।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने आप सरकार की याचिका पर सुनवाई शुरू की
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र की उन दलीलों पर संज्ञान लिया जिनमें दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं को नियंत्रित करने वाले विवादास्पद मुद्दे पर संविधान पीठ के समक्ष सुनवाई का आग्रह किया गया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र से यह भी पूछा कि क्या अधिकार विवाद पर 2018 के फैसले में कहा गया था कि विधानसभा अनावश्यक है और उपराज्यपाल के पास विधायी कार्यों का अधिकार हो सकता है। अदालत ने सेवाओं के नियंत्रण पर एक विभाजित फैसले से उत्पन्न विवादास्पद मुद्दे पर सुनवाई शुरू करते हुए यह सवाल उठाया। आप सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्र स्थानांतरण और पदस्थापना की उसकी शक्ति को छीनकर संघवाद को नकार रहा है।