यूपी के इस जिले में हैं सबसे ज्यादा एसिड अटैक पीड़ित
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प्रमुख सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन आशा ज्योति केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचीं। उन्होंने निर्धारित समय पर केंद्र का निर्माण कार्य पूरा ना किये जाने पर नाराजगी जताई। साथ ही निर्देश दिया कि 15 से 20 दिनों के अंदर सारा काम पूरा किया जाए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरठ जिले में एसिड अटैक के सबसे ज्यादा मामले हैं। जिसको देखते हुए पहले चरण में रानी लक्ष्मी बाई आशा ज्योति केंद्र के निर्माण हेतु मेरठ को चुना गया। ताकि पीड़ित को त्वरित उपचार के साथ ही आर्थिक सहायता भी मिल सके। उन्होंने बताया कि महिला से जुड़े नौ जघन्य अपराध सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं, जिसमें तेजाब फेंकने के मामले सबसे ज्यादा है। इसके बाद दहेज हत्या, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार आदि हैं।
आशा ज्योति केंद्र का उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित न्याय व आर्थिक सहायता देना
आशा ज्योति केंद्र का उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के साथ ही उन्हीं आर्थिक सहायता देना है। इस मौके पर उप निदेशक और प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि 181 नंबर पर कॉल कर 24 घंटे आशा ज्योति केंद्र से सेवा ली जा सकेगी। इसके साथ ही 1090 की भी व्यवस्था केंद्र पर रहेगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी जगत राज, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत सिंह चहल, सीएमएस डॉ. साधना सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद्र, अपर जिलाधिकारी नगर एसके दूबे, पुलिस अधीक्षक नगर ओमप्रकाश, जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव नीरज कुमार बख्शी आदि मौजूद रहे।