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Medical Education: क्या पाकिस्तान से MBBS करने वालों को लगेगा झटका? बांग्लादेश/नेपाल की डिग्रियों को अनुमति

Sat, 05 Apr 2025 02:45 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sat, 05 Apr 2025 02:45 PM IST
सार

आगा सैय्यद रूहुल्लाह मेहदी ने पूछा, क्या सरकार ने इस बात को ध्यान में रखते हुए कि अधिकांश छात्र पूर्व परामर्श के आधार पर नामांकित थे, भारत में रोजगार/उच्च शिक्षा प्राप्त पाकिस्तानी एमबीबीएस डिग्री वाले छात्रों पर रोक लगाने वाली अपनी सलाह पर पुनर्विचार किया है/करने का विचार है।  इस पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया है।

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Medical Education: MBBS from Pakistan indian student Bangladesh Nepal
MBBS Student (Demo) - फोटो : Freepik

विस्तार

पाकिस्तान से एमबीबीएस की डिग्री लेकर आने वालों को भारत में मान्यता मिलेगी या उनकी डिग्री रद्द हो जाएगी। दूसरी तरफ बांग्लादेश/नेपाल की डिग्रियों को भारत में अनुमति मिल रही है। इन सब सवालों को लेकर लोकसभा सदस्य आगा सैय्यद रूहुल्लाह मेहदी ने सदन में शुक्रवार को सवाल पूछा था। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया, प्रवासी और उनके बच्चे, जिन्होंने पाकिस्तान में मेडिकल डिग्री या उच्च शिक्षा प्राप्त की है और जिन्हें भारत द्वारा नागरिकता प्रदान की गई है, वे केंद्रीय गृह मंत्रालय 'एमएचए' से सुरक्षा मंजूरी प्राप्त करने के बाद एफएमजीई/नेक्सट में उपस्थित होने या भारत में रोजगार पाने के लिए पात्र बने रहेंगे। 
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आगा सैय्यद रूहुल्लाह मेहदी ने पूछा, क्या सरकार ने इस बात को ध्यान में रखते हुए कि अधिकांश छात्र पूर्व परामर्श के आधार पर नामांकित थे, भारत में रोजगार/उच्च शिक्षा प्राप्त पाकिस्तानी एमबीबीएस डिग्री वाले छात्रों पर रोक लगाने वाली अपनी सलाह पर पुनर्विचार किया है/करने का विचार है। दूसरा सवाल, यदि हां तो इसका तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और नहीं तो इसके क्या कारण हैं। तीसरा सवाल, समान चिकित्सा पाठ्यक्रम और पाकिस्तान चिकित्सा आयोग की वैश्विक मान्यता के बावजूद भारत में पाकिस्तानियों की डिग्रियों की मान्यता रद्द करने और बांग्लादेश/नेपाल की डिग्रियों को 'सार्क' के अंतर्गत अनुमति देने का क्या औचित्य है। चौथा सवाल, क्या सरकार ने महिला छात्रों (प्रभावित लोगों में से 70-80 प्रतिशत) पर सामाजिक आर्थिक प्रभाव का आकलन किया है, जो अब यूरोपीय कालेजों में स्थानांतरण या अनौपचारिक काम के लिए कर्ज में है। 
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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उक्त सभी सवालों का जवाब देते हुए बताया, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा आयोग के दिनांक 28 अप्रैल 2022 के सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक/भारत का विदेशी नागरिक जो पाकिस्तान के किसी भी मेडिकल कालेज में एमबीबीएस/बीडीएस या समकक्ष चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहता है, वह पाकिस्तान में अर्जित शैक्षणिक योग्यता (किसी भी विषय में) के आधार पर एफएमजीई में उपस्थित होने या भारत में रोजगार पाने के लिए पात्र नहीं होगा, सिवाय उन लोगों के जिन्होंने दिसंबर 2018 से पहले या उसके बाद एमएचए से सुरक्षा मंजूरी प्राप्त करने के बाद पाकिस्तान के डिग्री कालेजों/संस्थानों में प्रवेश लिया हो। तथापि, प्रवासी और उनके बच्चे, जिन्होंने पाकिस्तान में मेडिकल डिग्री या उच्च शिक्षा प्राप्त की है और जिन्हें भारत द्वारा नागरिकता प्रदान की गई है, वे एमएचए से सुरक्षा मंजूरी प्राप्त करने के बाद एफएमजीई/नेक्सट में उपस्थित होने या भारत में रोजगार पाने के लिए पात्र बने रहेंगे। 
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