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मेडिकल एडमिशन घोटाला: CJI ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट, HC जज पर हो सकती है कार्रवाई

Wed, 31 Jan 2018 11:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 31 Jan 2018 11:23 AM IST
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medical admission scam  Allahabad HC judge SN shukla CJI dipak misra 

देश की न्याय व्यवस्था को हिला देने वाले मेडिकल प्रवेश घोटाले में नया मोड़ सामने आ रहा है। घोटाले के चलते विवादों में आए इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज एसएन शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) ने इस संदर्भ में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को रिपोर्ट भेजी है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जानकारी दी गई है।

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बताया जा रहा है कि जज शुक्ला 90 दिन की छुट्टियों पर चले गए हैं। सीजेआई मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और ऐसा माना जा रहा है कि वे जज शुक्ला को हटा भी सकते हैं। साथ ही ये भी साफ हो जाएगा की मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को करनी है या नहीं।
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दरअसल, जस्टिस एसएन शुक्ला पर गंभीर आरोप लगने की वजह से तीन जजों की इन हाउस बेंच ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से उन्हें हटाने की अपील की थी। समिति की सिफारिशों और अनुच्छेद 7(i) के इन-हाउस प्रक्रिया के अनुसार एक्शन लेते हुए सीजेआई दीपक मिश्रा ने उन्हें पद से इस्तीफा देने के लिए या फिर स्वेच्छा से सेवा-निवृत्ति लेने का भी विकल्प दिया था।
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हालांकि, जस्टिस शुक्ला ने ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया, जिसकी वजह से सीजेआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा है कि वो तुरंत प्रभाव से सभी न्यायिक कामों को जस्टिस शुक्ला से वापस ले लें। उनके इस कदम से जस्टिस शुक्ला को पद से हटाने का भी रास्ता माना जा रहा है। 

इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक बेंच की अध्यक्षता करते हुए जस्टिस शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने 2017-18 के शैक्षणिक वर्ष में छात्रों को प्रवेश देने के लिए निजी कॉलेजों को अनुमति दे दी थी। उनका यह कदम सीजेआई की अगुवाई वाली पीठ के पारित आदेश का उल्लंधन था।


इसी वजह से उनके खिलाफ दो शिकायतें सीजेआई को मिली थीं। जिसमें से पहली राज्य के अधिवक्ता जनरल  और दूसरी इन हाउस समिति की तरफ से आई थीं। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जस्टिस शुक्ला ने न्यायिक जीवन के मूल्यों को अपमानित करने और न्यायधीश के तौर पर अशोभनीय काम किया है।

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