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विदेश मंत्रालय ने खारिज किया पाक-चीन का संयुक्त बयान, कहा- कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा

Tue, 10 Sep 2019 02:26 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 10 Sep 2019 02:26 PM IST
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MEA reject reference to Kashmir in Joint Statement of China and Pakistan and express concern on CPEC
विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विदेश मंत्रालय ने जम्मू और कश्मीर को लेकर दिए गए चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान को खारिज कर दिया है। सोमवार को चीन के विदेश मंत्री पाकिस्तान की यात्रा पर पहुंचे थे। जिसके बाद दोनों ने संयुक्त बयान जारी किया था। इस बयान को खारिज करते हुए विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है।

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मंत्रालय ने कहा, 'दूसरी तरफ भारत ने दोनों चीन और पाकिस्तान के तथाकथित 'चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे' की परियोजनाओं को लेकर लगातार चिंता व्यक्त की है। यह परियोजना भारत के क्षेत्र पर चल रही है जिसपर पाकिस्तान ने 1947 से अवैध कब्जा किया हुआ है।'
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मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि, 'भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में किसी अन्य देश के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा और हम यहां कि यथास्थिति को लेकर स्पष्ट हैं। यदि कोई तीसरा देश इसमें हस्तक्षेप की कोशिश करता है तो हम आवश्यक कदम उठाएंगे।'

इससे पहले सोमवार को चीन और पाकिस्तान ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कश्मीर के मुद्दे को शांति से सुलझाने की बात कही थी। वहीं चीन ने पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हुए कहा था वह किसी भी तरह की एकपक्षीय कार्रवाई का विरोध करता है। चीन के विदेश मंत्री  मंत्री वांग यी एक दिन की या6ा पर पाकिस्तान पहुंचे थे।


चीन के विदेश को पाकिस्तान ने कश्मीर के वर्तमान हालात के बारे में जानकारी दी थी। जिसके बाद उन्होंने कहा था कि चीन घाटी के हालात पर करीबी से नजर रखे हुए है। पाकिस्तान की भाषा बोलते हुए चीन ने कहा कि कश्मीर मसला ऐतिहासिक विवाद है। जिसका संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र, प्रासंगिक यूएनएससी प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर शांति से हल किया जाना चाहिए। 

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