{"_id":"5f915c5b853d0f3cf432d42d","slug":"mea-press-conference-over-situation-with-china-and-next-talk","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमा विवाद को लेकर 30 अक्तूबर को अगली बैठक करेंगे भारत और चीन: विदेश मंत्रालय","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सीमा विवाद को लेकर 30 अक्तूबर को अगली बैठक करेंगे भारत और चीन: विदेश मंत्रालय
Thu, 22 Oct 2020 06:43 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 22 Oct 2020 06:43 PM IST
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इसमें मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच वार्ता, भारत-अमेरिका के बीच होने वाली 2+2 वार्ता और आतंकवाद के मुद्दे व सीमा पर पाकिस्तान की हरकतों समेत विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दी।
विज्ञापन
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को हल करने की कोशिशें दोनों देश वार्ताओं के जरिए कर रहे हैं। श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों देशों के बीच अगली बैठक 30 अक्तूबर को आयोजित होगी। श्रीवास्तव ने कहा कि सीमा विवाद को हल करने के लिए भारत और चीन राजनयिक और सैन्य स्तर की वार्ताओं का दौर जारी रखेंगे।
विज्ञापन
क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करेंगे भारत-अमेरिका
प्रवक्ता ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाली तीसरी 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता में पारस्परिक हितों के द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से विमर्श किया जाएगा। दोनों पक्ष क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इस वार्ता में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।
विज्ञापन
श्रीवास्तव ने कहा कि अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। ये दोनों एनएसए अजीत डोभाल से भी मुलाकात करेंगे। बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच यह वार्ता 27 अक्तूबर को होगी। पोम्पियो और एस्पर वार्ता के लिए 26 और 27 अक्बतूर को भारत का दौरा करेंगे।
इस साल पाक ने 3800 बार किया युद्धविराम का उल्लंघन
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान की सेना ने लगातार युद्धविराम उल्लंघन जारी रखा है। ये उल्लंघन नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए नागरिक क्षेत्रों से किए जाते हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस साल अब तक पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी कारण के 3800 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया है।
प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिक गतिविधियों की ओट में पाकिस्तान की ओर से एलओसी के पास से हथियार और गोला-बारूद गिराने की कोशिशें भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि हमने यह भी देखा है कि सीमा पार आतंकवाद, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में पाकिस्तान की सहायता और घृणा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैल गई है।
'आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना है पाकिस्तान'
एफएटीएफ (वित्तीय कार्रवाई कार्य बल) की बैठक को लेकर श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान को दी गईं 27 कार्रवाइयों में उसने केवल 21 को संबोधित किया। छह महत्वपूर्ण कार्रवाइयों को संबोधित करना अभी बाकी है। श्रीवास्तव ने कहा कि जैसा कि सब अच्छी तरह जानते हैं, पाकिस्तान आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह देना जारी रखे हुए है।
श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान ने कई आतंकी संगठनों और आतंकियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया है। इनमें ऐसे आतंकी संगठन और आतंकवादी शामिल हैं जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) प्रतिबंधित कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इनमें मसूद अजहर, दाउद इब्राहिम और जकीउर रहमान लखवी जैसों के नाम शामिल हैं।