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PM Modi Bhutan Visit: भूटान की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे पीएम मोदी, दोस्ती और विकास एजेंडा पर होगी चर्चा
Sat, 08 Nov 2025 06:35 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 08 Nov 2025 06:35 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 से 12 नवंबर तक भूटान के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की भूटान के राजा और प्रधानमंत्री के साथ बैठकें भी करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया दोनों देशों के बीच संबंधो को और मजबूत करने की दिशा में ये अहम कदम है।
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पीएम मोदी
- फोटो : PTI
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 से 12 नवंबर तक भूटान के राजकीय दौरे पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह यात्रा भारत और भूटान के बीच दोस्ती और सहयोग के विशेष संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम होगी। यह दौरा दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रतीक माना जा रहा है।
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इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता संयुक्त रूप से 1020 मेगावाट क्षमता वाले पुनात्सांगचू-II जल विद्युत परियोजना का उद्घाटन करेंगे, जिसे भारत सरकार और भूटान की रॉयल सरकार ने मिलकर विकसित किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी चौथे भूटानी राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में भी भाग लेंगे।
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धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव
प्रधानमंत्री की यात्रा उस समय हो रही है जब भारत से भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों का भूटान में प्रदर्शन किया जा रहा है। मोदी ताशिचो जोंग में इन पवित्र अवशेषों के दर्शन करेंगे और प्रार्थना अर्पित करेंगे। इसके साथ ही वे भूटान सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में भी हिस्सा लेंगे, जो दोनों देशों के साझा बौद्ध सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
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भारत-भूटान साझेदारी की अहमियत
भारत और भूटान के संबंध आपसी विश्वास, सद्भावना और परस्पर सम्मान पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच गहरी आध्यात्मिक विरासत और लोगों के बीच घनिष्ठ रिश्ते इस विशेष साझेदारी की पहचान हैं। जलविद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में भारत भूटान के विकास का महत्वपूर्ण भागीदार बना हुआ है।
रणनीतिक महत्व और भविष्य की दिशा
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-भूटान साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। इस दौरान दोनों पक्ष क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। कूटनीतिक हलकों में इसे दक्षिण एशिया में भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति को और सशक्त करने वाला कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौरा न केवल दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को गहरा करेगा, बल्कि हिमालयी क्षेत्र में स्थिरता और आपसी विश्वास को भी मजबूत करेगा।