फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   MEA: India to host SCO summit in virtual mode on July 4 and Nepal PM Prachanda will come tomorrow update news

MEA: चार जुलाई को वर्चुअल मोड में भारत करेगा SCO शिखर सम्मेलन की मेजबानी; कल आएंगे नेपाल के पीएम प्रचंड

Tue, 30 May 2023 09:11 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 30 May 2023 09:11 PM IST
सार

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत अपनी एससीओ शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता के तहत एससीओ परिषद के राष्ट्राध्यक्षों का 22वां शिखर सम्मेलन 4 जुलाई को वर्चुअल मोड में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
 

विज्ञापन
MEA: India to host SCO summit in virtual mode on July 4 and Nepal PM Prachanda will come tomorrow update news
SCO - फोटो : ANI

विस्तार

भारत चार जुलाई को वर्चुअल तरीके से शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को इसका एलान किया है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने शिखर सम्मेलन को वर्चुअल मोड में आयोजित करने के कारणों का हवाला नहीं दिया। वहीं दूसरी ओर कल यानी बुधवार को नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड अपनी आधिकारिक यात्रा पर भारत आएंगे। 

विज्ञापन


विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत अपनी एससीओ शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता के तहत एससीओ परिषद के राष्ट्राध्यक्षों का 22वां शिखर सम्मेलन 4 जुलाई को वर्चुअल मोड में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
विज्ञापन


विदेश मंत्रालय ने कहा कि एससीओ के सभी सदस्य देशों - चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा, ईरान, बेलारूस और मंगोलिया को पर्यवेक्षक राज्यों के रूप में आमंत्रित किया गया है। एससीओ परंपरा के अनुसार, तुर्कमेनिस्तान को भी अध्यक्ष के अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीते साल समरकंद में हुआ था एससीओ शिखर सम्मेलन 
पिछले साल, एससीओ शिखर सम्मेलन उजबेकिस्तान के समरकंद में हुआ था। उस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन सहित समूह के सभी शीर्ष नेताओं ने भाग लिया था। उसी सम्मेलन में भारत ने 16 सितंबर को एससीओ की अध्यक्षता ग्रहण की थी।

इसी महीने की शुरुआत में हुई थी विदेश मंत्रियों की बैठक
गौरतलब है कि भारत ने इस महीने की शुरुआत में गोवा में दो दिवसीय सम्मेलन में एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की थी। एससीओ की स्थापना 2001 में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों द्वारा शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में की गई थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके स्थायी सदस्य बने।


 कल भारत आएंगे नेपाल के प्रधानमंत्री
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड कल अपनी आधिकारिक यात्रा पर भारत आएंगे। वे यहां 31 मई से तीन जून तक भारत में रहेंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। इस बीच कहा जा रहा है कि नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्रियों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल अपनी अगली भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने इमिनेंट पर्सन्स ग्रुप (ईपीजी) की रिपोर्ट को स्वीकार करने और दोनों देशों के बीच सीमा विवाद का मसला जरूर उठाएं। गणमान्य नागरिकों की समिति (ईपीजी) दोनों के बीच संबंध की दिशा पर सुझाव देने के लिए 2018 में बनाई गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed