MCD Election: भाजपा के सभी मुस्लिम उम्मीदवारों की जमानत हुई थी जब्त, इस बार बेहतर करने की कोशिश
MCD Election: दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में लगभग 25 सीटों पर और नगर निगम की 250 में से लगभग 60 सीटों पर मुसलमान मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। भाजपा मुसलमान मतदाताओं के बीच जाकर कुछ वोट अपने प्रत्याशियों के लिए निश्चित करना चाहती है...
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भारतीय जनता पार्टी लगातार मुसलमानों से अपनी दूरी कम करने की कोशिश कर रही है। हैदराबाद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद पसमांदा मुसलमानों तक पहुंचने के लिए पार्टी ने मुहिम भी चलाई हुई है। मुसलमान मतदाताओं को जोड़ने के लिए भाजपा दिल्ली नगर निगम चुनाव में मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर उनके बीच लोकप्रिय होने की कोशिशें भी करती रही है, लेकिन अब तक उसकी ये कोशिश नाकाम साबित हुई है। पिछली बार 2017 में हुए नगर निगम चुनाव में भाजपा ने सात मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था, लेकिन सबकी जमानत जब्त हो गई थी।
20 वार्ड में मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट!
दिल्ली भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चे की ओर से 20 वार्ड में मुस्लिम प्रत्याशियों के लिए टिकट मांगा है। इनमें चांदनी महल सीट, सीताराम बाजार, बल्लीमारान, ओखला विधानसभा की दो सीटें जाकिर नगर और अबुल फजल एनक्लेव, मुस्तफाबाद, शास्त्री पार्क, चौहान बांगड़, मुस्तफाबाद, श्रीराम खजूरी, करावल नगर, कुरेश नगर, बल्लीमारान, कराड़ी विधानसभा में निठारी वार्ड, सीताराम बाजार और मौजपुर शामिल हैं।
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में लगभग 25 सीटों पर और नगर निगम की 250 में से लगभग 60 सीटों पर मुसलमान मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। भाजपा मुसलमान मतदाताओं के बीच जाकर कुछ वोट अपने प्रत्याशियों के लिए निश्चित करना चाहती है। निगम चुनाव में जहां कुछ वोट भी प्रत्याशियों की किस्मत तय करते हैं, यदि भाजपा कुछ मुसलमान मतदाताओं को भी लुभाने में कामयाब रही तो परिणाम बदल सकते हैं।
भाजपा बोली- बदल रही सोच
दिल्ली भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यालय मंत्री वकील अहमद कुरेशी ने अमर उजाला को बताया कि शिक्षा बढ़ने के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय में भी बदलाव आ रहा है। मुसलमान यह देख रहे हैं कि किस तरह केंद्र सरकार उनके लिए विभिन्न योजनाएं लाकर उनका विकास कर रही है। गरीबों के लिए शुरू की गई योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ मुसलमानों को ही मिल रहा है। यही कारण है कि अब एक तबके का झुकाव भाजपा की ओर हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अपने करीबियों के बीच उनकी कोशिश उन्हीं गलतफहमियों को दूर करने की होती है, जिन्हें लंबे समय से राजनीतिक कारणों से मुसलमानों के मन में पैदा किया गया है। उन्होंने कहा कि मुसलमान प्रत्याशियों को जीत दिलाकर और हर बूथ पर कुछ मुस्लिम वोट पार्टी को दिलवाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए सभी समुदायों को करीब लाना आवश्यक है और से इसी की कोशिश में जुटे हैं।