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मायावती की बसपाइयों को लिखकर भाषण देने की हिदायत
शादाब रिजवी/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 12 Oct 2016 12:31 AM IST
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बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : amar ujala
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के शहीदों के खून की दलाली करने वाले बयान के विवादों में घिरने से बसपा ने सबक लिया है। पार्टी सुप्रीमों मायावती ने अपने सभी नेताओं को हिदायत दी है कि चुनाव के मद्देनजर विवाद से बचने को लिखित भाषण दें। संवेदनशील मुद्दों पर राय रखते समय लिखे भाषण को अनिवार्य कर लें। साथ ही समझाया जा रहा है कि विरोधी दलों की फंसाने की साजिश से होशियर रहें।
राहुल गांधी ने शहीदों के खून की दलाली करने का आरोप भाजपा पर मेरठ में रोड शो केदौरान लगाया था। हालांकि कांग्रेस ने बाद में इसपर सफाई दी थी। नौ अक्तूबर को लखनऊ में बसपा की रैली में खुद मायावती ने इस पर अपना रुख साफ किया था। कहा था कि विवाद केबचने के लिए ही वह खुद लिखकर भाषण पढ़ती हैं। उसके बाद अब बसपा ने अपने नेताओं को भी लिखकर भाषण पढने की हिदायत दी है। पार्टी की तरफ से नेताओं को संदेश दिया गया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में यूपी में माहौल बना हुआ है।
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राहुल गांधी ने शहीदों के खून की दलाली करने का आरोप भाजपा पर मेरठ में रोड शो केदौरान लगाया था। हालांकि कांग्रेस ने बाद में इसपर सफाई दी थी। नौ अक्तूबर को लखनऊ में बसपा की रैली में खुद मायावती ने इस पर अपना रुख साफ किया था। कहा था कि विवाद केबचने के लिए ही वह खुद लिखकर भाषण पढ़ती हैं। उसके बाद अब बसपा ने अपने नेताओं को भी लिखकर भाषण पढने की हिदायत दी है। पार्टी की तरफ से नेताओं को संदेश दिया गया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में यूपी में माहौल बना हुआ है।
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जोनल कोर्डिनेटरों और प्रदेश प्रभारियों के माध्यम से संदेश
बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : amar ujala
विरोधी दल बसपा नेताओं को उकसाकर या साजिशन विवादित बयानों के आधार पर घेरने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए सार्वजनिक स्थानों, मीडिया की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों और संवेदनशील मुद्दों पर बोलते वक्त कोशिश रहे कि बयान लिखकर ले जाए और उसको पढ़े। ताकि कोई तोड़मरोड़कर बयान को पेश नहीं कर पाए। अगर उनके बयान को विवादित बताया जाता है उस स्थिति में अपना लिखित बयान जवाब केतौर पर सामने लाकर ऐसा करने वालों की बोलती बंद की जा सके और विरोधियों की साजिश को नाकाम किया जा सके।
पार्टी की तरफ से चुनाव वाले प्रदेश यूपी के साथ ही उत्तराखंड और पंजाब के नेताओं को जोनल कोर्डिनेटरों और प्रदेश प्रभारियों के माध्यम से संदेश दिया जा रहा है कि हर हाल में लिखकर ही भाषण दें। प्रदेश, जोनल, मंडल स्तरीय नेताओं को साथ विधानसभा प्रत्याशियों को खास तौर पर सावधानी बरतने को कहा गया है।
पार्टी की तरफ से चुनाव वाले प्रदेश यूपी के साथ ही उत्तराखंड और पंजाब के नेताओं को जोनल कोर्डिनेटरों और प्रदेश प्रभारियों के माध्यम से संदेश दिया जा रहा है कि हर हाल में लिखकर ही भाषण दें। प्रदेश, जोनल, मंडल स्तरीय नेताओं को साथ विधानसभा प्रत्याशियों को खास तौर पर सावधानी बरतने को कहा गया है।