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घाटी में शांति का माहौल बनाएंगी मौलवी और सरपंच की जोड़ियां, सरकार ने की तैयारी

Mon, 19 Aug 2019 10:55 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 19 Aug 2019 10:55 PM IST
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Maulvi and Sarpanch will Bring the peace in Kashmir Valley
satyapal malik - फोटो : अमर उजाला

कश्मीर घाटी में माहौल सामान्य बनाने के प्रयासों में जुटी केंद्र सरकार अब मौलवी और सरपंच की मदद लेगी। राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकारों ने इसका एजेंडा तैयार किया है। शहरी इलाकों में पार्षद और मौलाना, तो गांवों में मौलवी एवं सरपंच की जोड़ी लोगों को अनुच्छेद 370 खत्म करने के फायदों के बारे में अवगत कराएगी।

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तीन हजार सरपंच और पांच हजार मौलवी

इस काम को अंजाम देने के लिए तीन हजार से अधिक सरपंचों से बातचीत की गई है। जबकि वहीं पांच हजार के करीब मौलवियों को भी इस मुहिम में शामिल किया गया है। इनका काम अपने-अपने क्षेत्र के लोगों, खासकर युवाओं को समझा-बुझाकर उन्हें शांति की ओर ले जाना है। इस दौरान सरपंच और मौलवी के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस या किसी दूसरे सुरक्षा बल का कोई सेवानिवृत्त कर्मी भी साथ रहेगा।

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राज्यपाल के सलाहकार को मिली जिम्मेदारी

पहले राजनीतिक दल, अलगाववादी या दूसरे गैर-सरकारी संगठन लोगों व प्रशासन के बीच कड़ी का काम करते थे। दो दिन पहले ही केंद्र सरकार की ओर से राज्यपाल को इस बाबत कोई सार्थक योजना तैयार करने के लिए कहा गया था। इसी के चलते अब जमीनी स्तर पर लोगों के बीच रहने वाले मौलवियों और सरपंचों को स्थिति सामान्य बनाने की दिशा में काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में राज्यपाल के सलाहकार बने जम्मू कश्मीर पुलिस के एक पूर्व अधिकारी इस दिशा में काम कर रहे हैं।

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सरपंचों और मौलवियों को किया ट्रेंड

सरपंचों और मौलवियों को भरोसे में लेकर यह योजना बनाई गई है। इसके लिए बाकायदा उन्हें ट्रेंड भी किया गया है। वे इलाके के भी सभी प्रभावशाली लोगों के साथ बातचीत कर स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य बनाने की दिशा में काम करेंगे। एक सप्ताह बाद जिला अधिकारियों की एक टीम सरपंच एवं मौलवी के साथ बैठक कर फीडबैक लेगी। इनके साथ मौजूद रहने वाले पूर्व सैन्य या पुलिस कर्मी रोजाना बैठकों की रिपोर्ट देंगे। इन रिपोर्ट पर विचार करने के बाद ही राज्यपाल के सलाहकार मोबाइल इंटरनेट जैसी सुविधाएं बहाल करने की सिफारिश करेंगे।

इन बातों की देंगे जानकारी

  • अनुच्छेद 370 हटाने का फायदा होगा, नुकसान नहीं।
  • पिछले पांच साल में केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के विकास के लिए कितनी राशि दी है।
  • दो साल में पीएम मोदी ने उस राशि में कितना इजाफा किया है।
  • ग्राम पंचायत की राशि में कितनी बढ़ोतरी की गई है।
  • केंद्र शासित प्रदेश बनने से पहले केंद्र सरकार की वे योजनाएं जो अभी तक यहां नहीं पहुंचती थी, उनका लाभ अब मिलेगा।
  • सरकारी नौकरियों की व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा पारदर्शी होगी।
  • बड़ी-बड़ी प्राइवेट कंपनियां यहां अपने सेंटर या इकाई स्थापित करेंगी, जिससे रोजगार बढ़ेगा।
  • ये लोगों को बताएंगे कि अगर उनके बच्चे तोड़फोड़ की राह पर जाते हैं, तो उसका नुकसान न केवल उन्हें, बल्कि पूरे परिवार को उठाना होगा।
  • इसके अलावा घाटी में नए एंटी टेरर लॉ के बारे में जो गलत जानकारी फैलाई जा रही है, उसे लेकर लोगों की भ्रांतियां दूर की जाएंगी।
     
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