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मातृ मृत्यु अनुपात घटा : वर्ष 2017-19 के बीच 8.8 फीसदी की गिरावट, बंगाल, उत्तराखंड में अब भी ज्यादा
Mon, 14 Mar 2022 03:09 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 14 Mar 2022 03:09 PM IST
सार
मातृ मृत्यु अनुपात में लगातार तीसरे वर्ष गिरावट दर्ज की गई है। ऐसा लगता है कि भारत वर्ष 2030 से पहले इसे 70 तक लाने के सतत विकास लक्ष्य को पार कर लेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत ने प्रसूति के दौरान होने वाली मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी लाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। देश के महापंजीयक द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार 2017-19 के बीच एमएमआर अनुपात 113 से घटकर 103 हो गया। यानी इसमें 8.8 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।
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मातृ मृत्यु अनुपात में लगातार तीसरे वर्ष गिरावट दर्ज की गई है। ऐसा लगता है कि भारत वर्ष 2030 से पहले इसे 70 तक लाने के सतत विकास लक्ष्य को पार कर लेगा। इस सतत गिरावट के दम पर भारत वर्ष 2020 तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (NHP) के लक्ष्य के अनुसार प्रति एक लाख पर 100 का लक्ष्य पाने की कगार पर है। 2030 तक प्रति लाख इसे 70 पर लाने का लक्ष्य रखा है। विकसित देशों की बात करें तो वहां एमएमआर एक अंक में सिमट गई है। इटली, नॉर्वे, पॉलैंड और बेलारूस में 1000 महिलाओं में से प्रसव के वक्त सिर्फ दो की मौत होती है। जर्मनी और ब्रिटेन में यह
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7, तो अमेरिका में 19 है। वहीं, नेपाल में 186, बांग्लादेश में 173 तो पाकिस्तान में 140 है, लेकिन नेपाल 18.3 और श्रीलंका में 36 है। ये दोनों पड़ोसी हमसे अच्छी हालत में हैं।
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हालांकि, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में हालात खराब हुए हैं। देश में 2015-17 के दौरान मातृ मृत्यु अनुपात 122 रहा था। असम, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सुधार के बावजूद सबसे ज्यादा एमएमआर वाले राज्य बने हुए हैं। पश्चिम बंगाल में तो एमएमआर में 11 अंकों की वृद्धि हुई है। यह 98 से बढ़कर 109 तक पहुंच गया। छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में भी हालात बिगड़े हैं। पंजाब ने सुधार दर्ज किया है। हरियाणा ने खराब प्रदर्शन किया।
एमएमआर किसी भी देश के स्वास्थ्य सूचकांक का महत्वपूर्ण आधार होता है। 1990 में भारत का एमएमआर 556 जबकि 2004 से 06 के दौरान 254 था। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे ज्यादा आबादी वाले राज्यों ने एमएमआर में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कारण राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सुधार दर्ज हुआ है।
कुछ प्रमुख राज्यों का मातृ मृत्यु अनुपात
राज्य 2017-19 2016-18 2015-17
उत्तर प्रदेश 167 197 216
मध्य प्रदेश 163 173 188
छत्तीसगढ़ 160 159 141
राजस्थान 141 164 186
ओडिशा 136 150 168
बिहार 130 149 165
पंजाब 114 129 122
पं. बंगाल 109 98 94
उत्तराखंड 101 99 89
हरियाणा 96 91 98
झारखंड 61 71 76
कर्नाटक 83 92 97
गुजरात 70 75 87